ऐप्स ने शिक्षा उद्योग को किस तरह बदल दिया है

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: Admin                                                                         Views: 421

Bhopal: यह शिक्षक और छात्र दोनों के लिए ही सीखना सहयोगात्मक, आसान और मजेदार बनाते हैं।
शैक्षणिक संस्थानों के लिए छात्रों के साथ संचार करने में सहायक हो सकते हैं।
करियर लिफ्ट की ऐप्लिकेशन, डवइपम्कैचीमतम जिसे शैक्षणिक संस्थानों के लिए डिजिटल इकोसिस्टम निर्मित करने हेतु एक सूचनात्मक और सहयोगात्मक माध्यम के रूप में बनाया गया है

2 अगस्त 2018। मोबाइल ऐप्लिकेशन, एक तकनीकी ब्रेकथ्रु है जिसने तेज संचार का रास्ता खोल दिया है, इसलिए यह समय बचाते है और लोगों के जीवन को आसान बनाते है। आज ऐसा कोई उद्योग नहीं है जो ऐप्लिकेशन का उपयोग न करता हो या जिसे इसकी आवश्यकता न हो।
करियर लिफ्ट के सीइओ नितिल गुप्ता कहते हैं "भारत में मोबाइल ऐप्स का उपयोग लगभग सभी उद्योंगो में किया जा रहा है, बैंकिंग और फाइनेंस से लेकर मीडिया, इंटरटेनमेंट, हेल्थकेयर, मैन्युफेक्चरिंग, ऑनलाइन बिजनेस और शिक्षा उद्योग। शिक्षा क्षेत्र में ऐप ऐसे लाभ प्रदान करता है जिसने न केवल सेवा प्रदाता के कार्य आसान बनते हैं बल्कि छात्रों द्वारा ऐप की पहुंच को अधिक सुविधाजनक पाया गया है और वह उन्हें सभी जानकारी के साथ अपडेट रखती हैं।"

करियर लिफ्ट के मोबाइल ऐप्लिकेशन के साथ संस्थान स्वयं का ज्ञानवर्धक और सहयोगात्मक इकोसिस्टम बना सकते हैं। इससे वे अपने छात्रों को नियमित रूप से अपडेट रख सकते हैं, और उनके करियर में उन्हें आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
शैक्षणिक मोबाइल ऐप की सहायता से संस्थानों को यह उद्देश्य प्राप्त होते हैं -

1. सीखने का नया तरीका -ऐप्स ने ज्ञान बाटने के तरीके को बदल दिया है। इसने सीखना अधिक सहयोगात्मक और मजेदार बनाया है। ऐप्स ने ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है जहां छात्रों को केवल एक बटन टैप करके संपर्क करना आसान लगता है। इससे सीखने के नए युग का उदय हुआ है।

2. सशक्त संवाद - शिक्षा उद्योग को ऐप द्वारा दिया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि वह संचार का सशक्त माध्यम प्रदान करता है। संचार के इस आसान तरीके ने सभी प्रक्रियाओं को प्रभावित किया है जिससे छात्रों के साथ अधिक बेहतर संबंध बनते हैं जो संस्थानों की पहुंच से बाहर की बात होती है। एक अच्छा मोबाइल ऐप शिक्षकों को सुविधा देता है कि वह प्रश्नों का जवाब दे सकें जिससे पारदर्शिता बने और अधिक विश्वास निर्मित हो सकें।

3. नोटिफिकेशन और अलर्ट - ऐप्स के जरिए, छात्रों को संस्थानों की ओर से तुरंत नोटफिकेशन और अलर्ट मिल जाते हैं, जैसे कि बैंच शैड्यूल बदलना व परीक्षा, मॉक परिक्षाएं, विशेष सेशन, गेस्ट लेक्चर, ऑनलाइन परीक्षाएं संबंधित सूचनाएं आदि। उनके मोबाइल पर संस्थान के ऐप्स होने से छात्र को किसी भी अपडेट के लिए कैंपस नहीं जाना पड़ता।

4. ऑनलाइन सूचना स्त्रोत- ऐप्स को एक बहुत ही उपयोगी सूचना स्त्रोत के रूप में निर्मित किया जा सकता है। छात्र कई स्टडी मटेरियल, मॉक परीक्षा पेपर आदि ऐप के जरिए एक्सेस कर सकते हैं। इससे छात्र यात्रा पर होने के बावजूद भी स्वयं को अपडेट रख सकते हैं।

शैक्षणिक ऐप के आने से शिक्षण और सीखने में रचनात्मक बदलाव आ सकते हैं जिससे संस्थानों को उद्योग जगत में अग्रणी होने में सहायता मिल सकती है।

Related News

Latest Tweets