जनराली ग्रुप ने भारत में फ्यूचर जनराली इंश्योरेंस कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाई

Location: मुंबई                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 206

मुंबई: 29 जून 2018। जनराली ग्रुप ने फ्यूचर ग्रुप के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए भारत के अपने इंश्योरेंस कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने की घोषणा की है। जनराली ग्रुप अपनी हिस्सेदारी को 25.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करेगी। भारतीय इंश्योरेंस बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए जनराली ग्रुप ने यह फैसला लिया है। जनराली की भारत में मौजूदगी अभी दो संयुक्त उपक्रमों - फ्यूचर जनराली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और फ्यूचर जनराली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (गैर-जीवन बीमा) के जरिए है।

इस ट्रांजैक्शन के जरिये जनराली द्वारा संयुक्त उपक्रम में लगभग 120 मिलियन यूरो के निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। इससे जनराली को फ्यूचर ग्रुप के बड़े डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का फायदा मिलता रहेगा। इसके साथ ही एक खास प्लेटफॉर्म और एक ग्राहक वर्ग भी मिलेगा जिसे डिजिटल माध्यम से बीमा सुरक्षा समाधानों की पेशकश की जाएगी।

फ्यूचर ग्रुप के साथ लंबे समय से संचालित किया जा रहा यह संयुक्त उपक्रम वर्तमान में 375 मिलियन यूरो के ग्रॉस रिटन प्रीमियम अर्जित करता है और इसमें वर्ष दर वर्ष स्थाई वृद्धि हो रही है।

फ्रेडरिक डे कोर्टियस, जनराली ग्रुप सीईओ, ग्लोबल बिजनेस लाइन्स एवं इंटरनेशनल ने कहा: एशिया में हमारी विस्तार योजना के तहत हम भारत में विकास की अपार संभावनाएं देखते हैं। इसके लिए हमारे लिए फ्यूचर ग्रुप से अच्छा पार्टनर नहीं हो सकता जो स्थानीय परिदृश्य को अच्छी तरह जानता और समझता है।

किशोर बियानी, फ्यूचर ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ ने कहा: फ्यूचर ग्रुप के पास भारत के अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के सबसे बड़े समूहों में से एक मौजूद है। हमारा नेटवर्क अधिक खर्च क्षमता वाले ग्राहकों से लगातार और अधिक फ्रिकवेंसी पर जुड़ता है। जनराली के साथ भागीदारी के जरिये हमारे पास एक अद्वितीय उत्पाद और वैश्विक बीमा विशेषज्ञता है, जो हमारे रीटेल नेटवर्क की प्रवाह क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाने की क्षमता रखता है और फ्यूचर जनराली में अपना आकार भी बढ़ा सकता है। जनराली के साथ हमारी भागादारी एक बड़े भरोसे पर टिकी है, और हम उनके साथ अपनी हिस्सेदारी को आगे बढ़ाते हुए उत्साहित हैं।

यह ट्रांजैक्शन 2018 की दूसरी छमाही में पूरा होने की उम्मीद है। ट्रांजैक्शन का पूरा होना विनियामक मंजूरी और समझौते के लिए जरूरी नियमों की पूर्ति पर निर्भर करता है।

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