विधान सभा सदस्‍यों के लिए ई-भुगतान केन्‍द्र का शुभारंभ

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: Admin                                                                         Views: 330

Bhopal: 01 अगस्‍त 2018। विधान सभा सदस्‍यों के वेतन एवं भत्तों के आहरण की व्‍यवस्‍था के सरलीकरण के उद्देश्‍य से विधान सभा सचिवालय में ई-भुगतान केन्‍द्र का आज प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह एवं आयुक्‍त कोष एवं लेखा व पदेन सचिव वित्त एम.सी. गुप्‍ता ने शुभारंभ किया।

ई-भुगतान केन्‍द्र के माध्‍यम से विधान सभा सदस्‍यों को अपने स्‍वत्‍वों के आहरण में समय की बचत होगी एवं नियत मदों में आवश्‍यक प्रविष्टियां भी अंकित की जा सकेंगी। इस व्‍यवस्‍था के अंतर्गत प्रतिमाह की एक से पांच तारीख के दौरान सदस्‍यों के खाते में राशि जमा की जा सकेगी। इस अवसर पर आयुक्‍त कोष एवं लेखा ने बताया कि मध्‍यप्रदेश संभवत: देश का पहला राज्‍य है जहां यह व्‍यवस्‍था की
गई है।

पूर्व में प्रचलित व्‍यवस्‍था अंतर्गत विधान सभा सदस्‍यों को स्‍वयं या उनके सहायक को संबंधित कोषालय में उपस्थित होना होता था, साथ ही विधान सभा सदस्‍यों को वेतन, भत्तों के आहरण में असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। ई-भुगतान केन्‍द्र के शुभारंभ अवसर पर विधान सभा के अपर सचिवगण पी.एन. विश्‍वकर्मा, बीरेन्‍द्र कुमार, सुधीर शर्मा तथा बी.डी. सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

विधान सभा में हुई राजयोग ध्‍यान कार्यशाला
राजयोग ध्‍यान केन्‍द्र, भोपाल द्वारा विधान सभा भवन के सभागार में आज विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए राजयोग ध्‍यान कार्यशाला का आयोजन किया गया।

राजयोग ध्‍यान केन्‍द्र की राजयोगिनी ब्रम्‍हाकुमारी अवधेश द्वारा प्रभावी ढंग से ध्‍यान के महत्‍व एवं ध्‍यान प्रक्रिया पर प्रकाश डाला गया एवं ध्‍यान का अभ्‍यास भी कराया गया। ध्‍यान केन्‍द्र की प्रशिक्षिका अवधेश द्वारा बताया गया कि ध्‍यान वस्‍तुत: हमारी आत्मिक धरोहर की कुंजी है। ध्‍यान के अभ्‍यास से मन, कर्म और वचन में साम्‍य स्‍थापित होता है। वस्‍तुत: नो अटेंशन के कारण टेंशन होता है। उन्‍होंने कहा कि ध्‍यान के माध्‍यम से आप अपने कार्यों में निपुणता प्राप्‍त करते हुए अपने भीतर के सर्वश्रेष्‍ठ को प्रखर कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि ध्‍यान का अभ्‍यास हमारे सामाजिक संबं‍धों को परिष्‍कृत करते हुए उन्‍हें मजबूती प्रदान करता है। राजयोगिनी ने बताया कि आपाधापी के इस दौर में अधिकांश बीमारियां मन के मूल में निहित हैं जिन्‍हें हम ध्‍यान के अभ्‍यास द्वारा दूर कर सकते हैं। ध्‍यान कार्यशाला में प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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