सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के बारे में दक्षिण एशियाई देशों के अध्यक्षों का शिखर सम्मेलन इंदौर में

Location: इंदौर                                                 👤Posted By: प्रतिवाद                                                                         Views: 396

इंदौर: 17 फरवरी, 2017, सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के बारे में दक्षिण एशियाई देशों के अध्यक्षों के शिखर सम्मेलन का उद्घाटन कल अर्थात 18 फरवरी, 2017 को 10.00 बजे होटल रैडिसन ब्लू, इंदौर में होगा। इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का उद्घाटन लोक सभा अध्यक्ष, श्रीमती सुमित्रा महाजन करेंगी।
 
श्रीमती महाजन के अलावा, इस शिखर सम्मेलन में लोक सभा के उपाध्यक्ष, डॉ एम् तंबिदुरै, अंतर संसदीय संघ के अध्यक्ष, साबिर चौधरी, अफ़ग़ानिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर, अब्दुल रऊफ इब्राहिमी, बांग्लादेश की संसद की स्पीकर, डॉ शिरीन शर्मिन चौधरी; भूटान की नेशनल असेंबली के स्पीकर, जिग्मे ज़ांग्पो, भूटान की नेशनल काउंसिल के डिप्टी चेयरपर्सन, शेरिंग दोरजी, श्रीलंका की संसद के स्पीकर, कारू जयसूर्या, मालदीव की संसद के स्पीकर, अब्दुल्ला मसीह मोहम्मद, नेपाल की संसद की अध्यक्ष, सुश्री ओनसारी घरती और इस सम्मेलन में भाग ले रहे देशों के संसद सदस्य शामिल होंगे। मध्य प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष, डॉ सीतासरन शर्मा और अन्य विशिष्टजन भी इस उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।

इस शिखर सम्मेलन में दक्षिण एशिया में सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन के लिए संसाधनों का पता लगाना : संसदीय सहयोग के अवसर विषय पर पूर्ण सत्र होगा। इस सत्र में प्रतिनिधियों को दक्षिण एशियाई क्षेत्र में सतत विकास लक्ष्यों के र्यान्वयन के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन तौर-तरीकों के बारे में चर्चा की जाएगी जिनसे संसदें यह सुनिश्चित कर सकती हैं कि राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सतत विकास लक्ष्यों संबंधी रणनीतियों के कार्यान्वयन के लिए पर्याप्त वित्तीय और अन्य संसाधन उपलब्ध हों।

सतत विकास के महत्वपूर्ण कारक के रूप में महिला-पुरुष समानता विषय पर आयोजित किए जा रहे कार्य सत्र में महिला-पुरुष अनुपात का संतुलन बनाने और सतत विकास की नीतियों के महिलाओं पर सकारात्मक प्रभाव को सुनिश्चित करने के लिए सतत विकास लक्ष्यों के तहत उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की जाएगी। जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती के साथ प्रभावी ढंग से निपटना : क्षेत्रीय संसदीय सहयोग के अवसर विषय पर आयोजित किए जा रहे एक अन्य कार्य सत्र में यह चर्चा की जाएगी कि इस क्षेत्र की संसदें जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों का सामना करने के लिए किस प्रकार सहयोग कर सकती हैं और संसाधनों का आदान-प्रदान कर सकती हैं।



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