प्रदेश के आयुर्वेद कालेजों में एलोपैथी डाक्टर भी पदस्थ होंगे

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Bhopal: राज्य सरकार ने नये भर्ती नियमों में किया प्रावधान

5 जून 2018। प्रदेश के सात सरकारी स्वशासी आयुर्वेद कालेजों में से भोपाल, ग्वालियर, रीवा एवं उज्जैन स्थित चार स्वशासी आयुर्वेद सरकारी कालेजों में एलोपैथी डाक्टर भी पदस्थ होंगे। यह प्रावधान राज्य सरकार ने नये सिरे से जारी आयुष विभाग के अंतर्गत शासकीय स्वशासी आयुष महाविद्यालय एवं चिकित्सालय गैर शिक्षकीय सेवा भर्ती नियम 2018 में किया है। प्रदेश के इन सातों स्वशासी कालेजों में कुल 1386 तथा एक स्वशासी सरकारी होम्योपैथी कालेज में 152 और एक स्वशासी सरकारी यूनानी कालेज में 158 पद स्वीकृत किये हैं।

नये भर्ती नियमों में भोपाल स्थित पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय, उज्जैन स्थित शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, रीवा स्थित शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय तथा ग्वालियर स्थित शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में तीन-तीन एलोपैथी डाक्टर जिनमें एक चिकित्सा विशेषज्ञ, एक शल्य विशेषज्ञ तथा एक प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ होंगे, नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार इन चार सरकारी आयुर्वेद कालेजों में कुल 12 एलोपैथी डाक्टर पदस्थ होंगे। एलोपैथी डाक्टरों के ये सभी पद सीधी भर्ती के द्वारा भरे जायेंगे। ऐसा इसलिये किया गया है क्योंकि अब सरकार ने आयुर्वेद डाक्टरों को भी सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्त करने का प्रावधान कर दिया है और इसके लिये उन्हें एलोपैथी से इलाज का सामान्य ज्ञान होने की ट्रेनिंग भी दी जाती है।

प्रदेश में तीन अन्य स्वशासी आयुर्वेद कालेज बुरहानपुर स्थित पं. शिवनाथ शास्त्री कालेज, इंदौर स्थित अष्टांग आयुर्वेद कालेज तथा जबलपुर स्थित आयुर्वेद कालेज हैं जिनमें एलोपैथी डाक्टरों की पदस्थापना का प्रावधान नहीं किया गया है। इसी प्रकार भोपाल स्थित शासकीय स्वशासी होम्योपैथी कालेज एवं चिकित्सालय में भी एलोपैथी डाक्टर के स्थान पर एलोपैथी वाला पैथालाजी टेक्निशियन मार्डन मेडिसिन का पद रखा गया है। भोपाल में ही स्थापित हकीम सैयद जिआउल हसन शासकीय स्वशासी यूनानी कालेज एवं हास्पिटल में भी एलोपैथी डाक्टर की पदस्थापना का प्रावधान नहीं किया गया है लेकिन इसमें भी एलोपैथी वाला लैब अटेन्डेंट का पद रखा गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि वैसे तो आयुर्वेद कालेजों में एलोपैथी डाक्टर नहीं होना चाहिये, परन्तु वर्तमान में आयुर्वेद कालेजों में एलाईड कोर्स जिनमें एलोपैथी से इलाज का भी सामान्य ज्ञान दिया जाता है - भी चलाये जाते हैं, इसलिये एलोपैथी डाक्टरों की जरुरत पड़ जाती है।

डॉ नवीन जोशी

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