कृषि मंडी आनलाईन व्यापार को बढ़ावा देने नियम किये सरल

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 291

Bhopal: 7 अगस्त 2018। राज्य सरकार ने कृषि उपज मंडी आनलाईन व्यापार को बढ़ावा देने के लिये इसके नियम सरल कर दिये हैं। दरअसल राज्य सरकार ने गत 6 जनवरी 2018 को मप्र कृषि उपज मंडी आनलाईन व्यापार एवं ई-प्लेटफार्म लायसेंस नियम प्रभावशील किये थे। इसमें प्रावधान किया गया था कि जो व्यापारी कृषि उपज मंडियों में उपज की खरीदी करते हैं उन्हें इस आनलाईन पोर्टल पर अपना पंजीयन कराना जरुरी होगा। व्यापारियों ने आनलाईन पंजीयन तो कराया परन्तु आनलाईन खरीदी में रुचि नहीं ली क्योंकि ई-प्लेटफार्म पर जाकर खरीदी के नियम काफी जटिल थे। इसीलिये अब राज्य सरकार ने इन नियमों के सरलीकरण का ड्राफ्ट जारी किया है जो जल्द प्रभावशील हो जायेंगे।

नये नियम के अनुसार, अब राज्य कृषि मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक उस व्यापारी को भी ई-प्लेटफार्म के माध्यम से आनलाईन व्यापार करने का लायसेंस प्रदान कर देंगे जोकि किसी कृषि उपज मंडी समिति में लायसेंसधारी व्यापारी है तथा उसे आनलाईन ट्रेडिंग हेतु सौ रुपये प्रति वर्ष की फीस जमा नहीं करना होगी। पहले आनलाईन ट्रेडिंग हेतु पहले व्यापारी को एक दिन में अधिकतम क्रय मूल्य की बैंक गारंटी जमा करना होती थी, परन्तु अब व्यापारी बैंक फिक्स डिपाजिट या कृषि मंडी समिति में जमा की गई प्रतिभूति भी जमा कर लायसेंस प्राप्त कर सकेगा।

इसी प्रकार, अब आनलाईन ट्रेडिंग का लायसेंस प्राप्त करने के लिये व्यापारी को पिछले दो साल में कम से कम 5 करोड़ रुपये टर्न ओवर बताने के स्थान पर मात्र दो करोड़ रुपयों का ही टर्न ओवर बताना होगा। इसके अलावा व्यापारी को पूर्ववर्ती दो वर्ष में 500 करोड़ रुपयों की कम से कम ढाई हजार ई-नीलामियां करने का दस्तावेज देने का प्रावधान हटा कर उसके स्थान पर दो सौ करोड़ रुपयों की कम से कम एक हजार ई-नीलामियां करने के दस्तावेज देने का प्रावधान कर दिया गया है।

इसी प्रकार व्यापारी को पहले पचास लाख रुपयों की प्रतिभूति बैंक गारंटी के रुप में देने का प्रावधान था जिसे खत्म कर अब पच्चीस लाख रुपये की बैंक गारंटी या बैंक फिक्स डिपाजिट देने का प्रावधान कर दिया गया है। इस प्रतिभूति को एक साल बाद 75 लाख रुपये करने का प्रावधान खत्म कर इसे अब 50 लाख रुपये कर दिया गया है।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि ई-प्लेटफार्म में कृषि मंडी समिति के 19 हजार व्यापारियों ने पंजीयन तो कराया परन्तु नियम जटिल होने के कारण वे आनलाईन ट्रेडिंग नहीं कर रहे थे। इसीलिये ई-ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिये अब नियम सरल किये गये हैं।


- डॉ. नवीन जोशी

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