मधुमेह एवं हृदय रोग पर दो दिवसीय 16वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: PDD                                                                         Views: 298

Bhopal: मधुमेह एवं हृदय रोग पर दो दिवसीय 16वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होटल कोर्टयार्ड मैरियट में

12 अक्टूबर, 2018। 16वें दो दिवसीय मधुमेह एवं हृदय रोग पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 13 एवं 14 अक्टूबर को किया जायेगा। इस सम्मेलन में देशभर से आ रहे हृदय रोग विशेषज्ञ, डायबैटोलाॅजिस्ट, ई.सी.जी. विशेषज्ञ, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ तथा फिजीशियन्स आदि भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्घाटन 13 अक्टूबर को डाॅ. बलराम, डायरेक्टर जनरल, इंडियन काउंसिल आॅफ मेडीकल रिसर्च, नई दिल्ली द्वारा किया जायेगा एवं डाॅ. प्रदीप चैबे, बेरियाट्रिक सर्जन, दिल्ली कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। श्रीमती अमृता सिंह, दिल्ली विशेष अतिथि के रूप में भाग लेंगी।

उक्त जानकारी आज आयोजित एक पत्रकार वार्ता में आयोजन समिति के अध्यक्ष डाॅ. पी.सी. मनोरिया एवं सचिव डाॅ पंकज मनोरिया ने बताया की हृद्य रोग, मधुमेह, ई.सी.जी. एवं गहन चिकित्सा सभी चिकित्सकों की खास आवश्यकता होती है और इसी को
ध्यान में रखकर उक्त सम्मेलन का आयोजन किया गया है।

उक्त सम्मेलन में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अनेक विशेषज्ञ भाग लेंगे जिनमें डाॅ. बलराम भार्गव, डायरेक्टर जनरल, इंडियन काउंसिल आॅफ मेडीकल रिसर्च, नईदिल्लीः डाॅ. मेहर उर्सेकर, निओइमेजिंग एक्सपर्ट, मुम्बई, डाॅ. रोहित भाटिया, न्यूरोलाॅजिस्ट, दिल्ली, डाॅ. प्रदीप चैबे, बेरियाट्रिक सर्जन, दिल्ली, डाॅ. एस पडरिया, पेरीफेरियल वस्कुलर डिजीज एक्सपर्ट, दिल्ली, डाॅ. बाजन खुश्रव, क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट, मुम्बई, डाॅ. अशोक कृपलानी, नेफ्रोलाॅजिस्ट, मुम्बई, डाॅ. राजेश राजपूत, डायबेटोलाॅजिस्ट, रोहतक, डाॅ.
वाय.पी. मुंजाल, दिल्ली, डाॅ. विक्रम लेले, न्यूक्लियर मेडीसिन स्पेश्लिस्ट, डाॅ. मनोज देशमुख, रेडियोलाॅजिस्ट, मुम्बई तथा डाॅ. अनिरूद्ध व्यास आदि शामिल हैं।

डाॅ पी.सी. मनोरिया ने बताया कि हार्ट अटैक के अलावा स्ट्रोक (ब्रेन स्ट्रोक या लकवा) पर भी विस्तार से चर्चा होगी क्यांेकि इसके बारे मे ज्यादातर मरीजों को यह नहीं मालूम है कि यदि वे चार से पांच घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं तो दिमाग की अवरूद धमनी में खून कें थक्के को घोलने की दवाई से काफी हद तक अपंगता से बचा जा सकता है। यदि थ्राॅम्बोक्टाॅमि की सुविधा उपलब्ध है तो
इस बीमारी का उपचार 18 से 24 घंटे के भीतर भी किया जा सकता है। मधुमेह और हार्ट फैलियर पर भी विस्तार से चर्चा होगी। मोटापे पर भी एक विशेष सत्र रखा गया है साथ ही पीईटी सीटी में क्या-क्या नई उपलब्धियां हुईं हैं इस पर भी जानकारी दी जावेगी।

डाॅ. पंकज मनोरिया ने बताया इस दौरान हार्ट अटैक के सभी नये उपचारों के बारे में चर्चा होगी। इसके अलावा वेन्स की बीमारियों की लेजर थैरेपी द्वारा इलाज पर भी प्रकाश डाला जायेगा। गंभीर रोगों से पीड़ित वृद्ध लोगों के लिये भी एक विशेष सत्र रखा गया है। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर की नई गाइडलाइन्स एवं नई दवाईयों पर भी चर्चा होगी। कार्यक्रम मे एक प्रश्नोत्तरी एवं ई.सी.जी. पर भी
इंटरैक्टिव सत्र रखा गया है। इसके अलावा सम्मेलन में लगभग 70 शोध पत्र भी प्रस्तुत किये जायेंगे और प्रथम तीन श्रेष्ठ शोध पत्रों को पुरस्कार दिया जायेगा।

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