केमिकल में पके फल बिगाड़ रहे सेहत

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: Radhika                                                                         Views: 854

Bhopal: बाजार में बिक रहे फल सेहत बनाने के बजाए सेहत बिगाड़ रहे हैं। दरअसल फलों को प्राकृतिक रूप से पकने से पहले ही तोड़कर कारोबारियों को बेच दिया जाता है। कारोबारी इसे बाजार में विक्रय के लिए लाने से पहले रसायन का उपयोग कर पकाते हैं और हानिकारक रसायन से पके फलों का दुष्प्रभाव खाने वाले लोगों की सेहत पर पड़ता है। केला, आम पकाने से लेकर फलों को आकर्षक रंग देने में भी रसायन का उपयोग किया जा रहा है। सेब को चमकदार बनाने और ज्यादा दिन तक रखने के लिए छिलके पर मोम की पतली कवर चढ़ाई जाती है, बिना छिले सेब खाने से यह मोम लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसे छिलके आसानी से पच नहीं पाते।

कृषि सेवा केंद्रों में बिक रहे रसायन

फलों को पकाने से लेकर, सब्जियों के आकार बढ़ाने, आकर्षक रंग देने, गाय का दूध बढ़ाने कई तरह के रसायन विभिन्न नामों से कृषि सेवा केंद्रों, बीज भंडारों में बेचे जा रहे हैं। सामान्य कारोबारी जरूरत बताकर ऐसे रसायनों को दुकान से खरीद रहे हैं। दुकानदार ग्राहकों को रसायन के प्रयोग करने का तरीका और मात्रा भी बता रहे हैं।

प्रतिबंधित आक्सीटोसीन भी बिक रहे बाजार में

सब्जियों का आकार बढ़ाने, गाय का दूध बढ़ाने कई स्थानों, पशु आहार केंद्रों में गुपचूप रूप से प्रतिबंधित आक्सीटोसीन का एंपूल भी बिक रहा है। आक्सीटोसीन, लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। लेकिन इसकी मांग देखते हुए लाभ कमाने के चक्कर में गुपचूप रूप से प्रतिबंधित दवाएं बेची जा रही है।

कैंसर होने की रहती है आशंका
कार्बाइड रसायन से पके फलों का उपयोग कैंसर रोग का कारक बनता है। आमतौर पर बाजार में मांग के अनुरूप प्राकृतिक रूप से पके फलों की आपूर्ति नहीं हो पाती। लाभ अर्जित करने के चक्कर में कच्चे फलों को ही तोड़ लिया जाता है, इसे जरूरत और मांग के अनुसार कार्बाइड का उपयोग कर पकाया जाता है। इसकी गैस फलों को प्रभावित करती है साथ ही उपयोग करने पर मानव शरीर को भी धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है। ऐसे फलों का उपयोग करते ही गले में खराश आदि लक्षण देखने मिलता है।

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