अब कोर्ट में उच्च अधिकारियों को भी पेश होना होगा

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 176

Bhopal: राज्य सरकार ने जारी किये नवीन निर्देश
27 अप्रैल 2019। अब कोर्ट में उच्च अधिकारियों को भी पेश होना होगा। वे अपने स्थान पर किसी अन्य अधिनस्थ अधिकारी को पेश होने के लिये नहीं भेज सकेंगे। इस संबंध में राज्य सरकार ने नवीन निर्देश सभी विभागों, राजस्व मंडल ग्वालियर, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों तथा जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भेजे हैं।

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव वीसी सेमवाल द्वारा विभिन्न न्यायालयों के निर्देश पर राज्य शासन के अधिकारियों को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के संबंध में भेजे गये इन नवीन निर्देशों में कहा गया है कि माननीय उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय एवं अन्य न्यायालयों के आदेशों के समुचित पालन हेतु इस विभाग द्वारा समय-समय पर निर्देश जारी किये गये हैं परन्तु कुछ अधिकारियों द्वारा इस विषय में गंभीरता नहीं दिखाये जाने के मामले सामने आये हैं।

अपर मुख्य सचिव ने अपने निर्देशों में आगे कहा है कि हाल ही मे माननीय ग्रीन ट्रिब्युनल नई दिल्ली में प्रचलित एक मामले में माननीय ट्रिब्युनल द्वारा एक जिला कलेक्टर को उपस्थित होने के निर्देश दिये थे परन्तु जिला कलेक्टर द्वारा स्वयं उपस्थित होने के स्थान पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ट्रिब्युनल के समक्ष भेजा गया जबकि ट्रिब्युनल द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नहीं बुलाया गया था।
अपर मुख्य सचिव सेमवाल ने कहा है कि माननीय ट्रिब्युनल द्वारा इस स्थिति पर अप्रसन्नता व्यक्त की गई है। अत: सभी विभागों/अधिकारियों से अनुरोध है कि जब भी किसी न्यायालय द्वारा किसी अधिकारी विशेष की उपस्थिति के लिये निर्देशित किया जाये तो ध्यान रखा जाये कि संबंधित अधिकारी स्वयं न्यायालय के समक्ष उपस्थित हो। यदि नियत दिनांक को किसी महत्वपूर्ण कारण से संबंधित अधिकारी का उपस्थित हो पाना संभव न हो तो इस विषय में पर्याप्त समय पूर्व नियमानुसार न्यायालय से निवेदन किया जाये। अपर मुख्य सचिव ने इन नवीन निर्देशों से अपने सभी अधीनस्थ कार्यालयों/अधिकारियों को भी अवगत कराने के लिये कहा है। इन नवीन निर्देशों की प्रतियां उच्च न्यायालय जबलपुर और उसकी खण्डपीठों एवं नेशलन ग्रीन ट्रिब्युनल नई दिल्ली के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजी गई हैं।



- डॉ. नवीन जोशी

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