उद्योगों को अब जलाशयों से पानी लोक सेवा गारंटी कानून के तहत मिलेगा

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 142

Bhopal: सेवा अधिसूचित होने के दो साल बाद जारी हुआ आदेश

31 मई 2019। प्रदेश में औद्योगिक इकाईयों को अपनी जरुरतों के लिये निर्मित एवं प्राकृतिक जलाशयों से पानी अब लोक सेवा गारंटी कानून के तहत मिल सकेगा। राज्य के लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने इस सेवा को दो साल पहले 14 जुलाई 2017 को अधिसूचित किया था परन्तु उद्योगपतियों को इसलिये यह सेवा नहीं मिल रही थी क्योंकि इस सेवा को देने वाले जल संसाधन विभाग ने आदेश जारी नहीं किये थे। अब जल संसाधन विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिये हैं।

जारी आदेश के अनुसार, उद्योगों को जलाशयों से पानी लेने के लिये जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता बोधी भोपाल को आवेदन करना होगा तथा यह मुख्य अभियंता साठ कार्य दिवस के अंदर उन्हें संबंधित जलाशय से पानी का आवंटन लोक सेवा गारंटी के तहत कर देगा। आवेदन के साथ उद्योग को पांच प्रकार के दस्तावेज भी देने होंगे। इनमें उद्योग का पंजीयन प्रमाण-पत्र, स्थापित किये जाने वाले उद्योग का विवरण, एमओयू की प्रति, निर्मित की जाने वाली योजना की डीपीआर तथा उद्योग के कारण जल स्रोत प्रदूषित न होने बाबत वचन-पत्र। आवेदन भी निर्धारित प्रारुप में करना होगा।

आवेदन प्राप्त करते समय आवेदक से कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। आवेदन स्वीकृत होने एवं जल आवंटन आदेश जारी होने पर आवेदक उद्योग को आवंटित जल की वार्षिक मात्रा के अनुसार एक माह के जलकर एवं उपकर के समतुल्य राशि आवंटन शुल्क के रुप में तथा दो माह के जल कर एवं उपकर के समतुल्य राशि प्रतिभूति के रुप में जमा कर जल संसाधन विभाग से अनुबंध करना होगा। प्राकृतिक स्रोत से जल आवंटन होने पर 1 रुपये 55 पैसे प्रति घनमीटर तथा शासकीय स्रोत से जल आवंटन होने पर 5 रुपये 50 पैसे प्रति घनमीटर की दर से शुल्क अदा करना होगा।

यदि मुख्य अभियंता बांधी साठ कार्य दिवस में जलावंटन नहीं करता है तो उद्योग सचिव जल संसाधन के पास जाकर लोक सेवा गारंटी कानून के तहत प्रथम अपील कर सकेगा जहां 15 कार्य दिवस में उसकी अपील का निराकरण होगा। यदि यहां भी पानी नहीं मिलता है तो जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव के पास द्वितीय अपील की जा सकेगी।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि हमने दो साल पहले सेवा तो अधिसूचित कर दी थी परन्तु जल संसाधन विभाग ने आदेश जारी नहीं किये थे जो अब कर दिये गये हैं। हमारे लोक सेवा केंद्रों में कोई उद्योगपति नहीं आता है इसलिये राज्य सरकार ने उद्योगों के लिये ईज आफ डूईंग बिजनेस के तहत विन्नि अनुमतियां देने के लिये इन्वेस्ट पोर्टल बनाया है। हम लोक सेवा केंद्र के पोर्टल पर इन्वेट पोर्टल का लिंक देंगे तथा इन्वेस्ट पोर्टल से ही उद्योगों को जल का आवंटन होगा। हमारा काम मानिटरिंग का होगा। एक माह के अंदर यह सेवा इन्टीग्रटेड हो जायेगी और चालू हो जायेगी।


(डॉ. नवीन जोशी)

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