आरबीआई की विश्वसनीयता संदिग्ध, कांग्रेस ने किया आरबीआई का घेराव, सौपा ज्ञापन

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 117

Bhopal: 18 जनवरी 2017, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आज राजधानी भोपाल स्थित आरबीआई मुख्यालय के समक्ष लगभग 3 हजार कांग्रेसजनों ने धरना-प्रदर्शन कर आईबीआई प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा तथा गिरफ्तारी दीं। धरना प्रदर्शन में अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव मुकुल वासनिक और पूर्व कंेद्रीय मंत्री पल्लम राजू, अभा कांग्रेस सचिव राकेश कालिया, सज्जनसिंह वर्मा, प्रदेश कांग्रस अध्यक्ष अरूण यादव, विधायकगण सचिन यादव, जीतू पटवारी, आर.के. दोगने, प्रदेश/जिला एवं ब्लाक कांग्रेस के पदाधिकारी सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री वासनिक ने कहा कि मुद्रा से संबंधित नीति में आरबीआई की भूमिका अहम होती है, सरकार मुद्रा को लेकर कोई फैसला नहीं कर सकती, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी का फैसला लेकर आर्थिक आपातकाल की स्थिति पैदा की, जिसका खामियाजा देश की गरीब-मध्यमवर्गीय जनता को भुगतना पड़ रहा है। प्रत्येक व्यक्ति के खाते में 15 लाख जमा कराने वाले लोगों के खून-पसीने की कमाई के 15 लाख 14 हजार करोड़ मूल्य के नोट मोदी के तुगलकी आदेश से एक ही दिन में कागज के टुकड़े बन गये। यही नहीं मोदी ने अंबानी के रिस्तेदार उर्जित पटेल को आरबीआई का गवर्नर बनाकर अड़ानी-अंबानी जैसे बड़े व्यापारियों और भाजपाईयों के कालेधन को ठिकाने लगाने का कार्य किया है, जिससे वित्तीय आपातकाल का माहौल बना है, उर्जित पटेल को इस्तीफा देना चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री पल्लम राजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी के बाद जनता से 50 दिन मांगे थे, वे पूरे हो गये है जनता को कोई राहत नहीं मिली, बल्कि आने वाले दिनों में इसका नुकसान और भयाक्रांत रूप हमारे सामने आयेगा। 68 दिनों बाद स्थिति ज्यों की त्यों हैं। आमजनता का जीना मुहाल हो गया है।

अभा कांग्रेस के सचिव राकेश कालिया ने कहा कि मोदी जी कालाधन तो नहीं निकाल पाये, बल्कि गरीबों की ईमानदारी की कमाई को भी उन्होंने छीन लिया, देश में अफरा-तफरी का माहौल है। जिन बड़े उद्योगपतियों ने चुनाव में मोदी का साथ दिया नोटबंदी से उनको फायदा पहुंचाने की कोशिश इस नोटबंदी से की गई । उन्होंने कहा कि विडम्बना तो यह है कि देश के प्रधानमंत्री बहुत बोलते हैं, लेकिन नोटबंदी से राहत के लिए क्यों कुछ नहीं बोल रहे हैं?

अभा कांग्रेस सचिव सज्जनसिंह वर्मा ने कहा कि रिलायंस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी उर्जित पटेल को अंबानी के कहने पर मोदी ने आरबीआई का गवर्नर बनाया, ताकि मनमानी की जा सके। नोटबंदी का अधिकार सरकार का नहीं, आरबीआई गवर्नर का होता है, जिसे भी तानाशाही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छीन लिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने आरबीआई की विश्वसनीयता को संदिग्ध बताते हुए कहा कि, वह सरकार की गुलाम बनकर कार्य कर रही है। नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता से जो वायदे किये थे, वे राहत पहुंचाने की बजाय आफत बन गये हैं, जिससे आने वाले कई बर्षाें तक देश की अर्थव्यवस्था छिन्न-भिन्न रहेगी। ढाई महीने बाद भी पैसा निकालने की सीमा सरकार ने नहीं बढ़ाई है। गरीब-मध्यम वर्गीय लोगों के साथ-साथ छोटे व्यापारी भी इस त्रासदी से ग्रसित हो गये हैं, उनके व्यवसाय चौपट हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेे नोटबंदी के तुगलकी आदेश की आंधी से देश की विभिन्न संस्थाओं में कार्यरत करीब 1 करोड़ लोगों का जहां रोजगार छिन गया है, वहीं इस त्रासदी के कारण 140 लोगों ने आत्महत्याऐं कर ली हैं, जिसमें 7 मध्यप्रदेश के लोग भी शामिल हैं। मोदी पर हत्या के आरोप में मुकद्मा लगाना चाहिए और इस नोटबंदी की आंधी की जद में आये लोगों के परिवारों को 01 करोड़ रूपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देना चाहिए।

श्री यादव ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री नोटबंदी से पीडि़त गरीब-मध्यम वर्ग के लोगों को धमकियां दे रहे हैं, उन्हें डरा-धमका रहे हैं और कालाधन रखने वालों को संरक्षित कर रहे हैं। श्री यादव ने नोटबंदी के साथ-साथ देश और प्रदेश में हो रहे भारी भ्रष्टाचार को लेकर और प्रदेश के कटनी जिले में हुए 500 करोड़ के हवाला कांड पर भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक ईमानदार अफसर 'गौरव तिवारी' पर कार्यवाही की जा रही है और भ्रष्टों को बचाया जा रहा है।

श्री यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि 16 जनवरी को कांग्रेस द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से किये जा रहे प्रदर्शन पर सोची-समझी साजिश के तहत पुलिस द्वारा बबर्रतापूर्वक लाठियां बरसाकर उन्हें घायल किये जाने एवं "उल्टा चोर कोतवाल को डाटे" कहावत चरित्रार्थ करते हुए कांग्रेस पर मुक्दमा दर्ज किया गया, किन्तु दोषियों के खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।

कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सै. साजिद अली (एड.), महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी, जगदीश यादव, ओम रघुवंशी, वीरसिंह यादव, डॉ. शशि राजपूत, मुजीव कुरैशी, मांडवी चौहान, कैलाश मिश्रा, सै. साजिद अली, जितेन्द्रसिंह बघेल, दीपचंद यादव, के.के. मिश्रा, जे.पी. धनोपिया, रवि सक्सेना, दुर्गेश शर्मा, मो. सगीर सहित हजारों की संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे। धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कांग्रेस महामंत्री पी.सी. शर्मा ने किया। आभार अशोक जैन भाभा ने व्यक्त किया।

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