शहरी आजीविका मिशन में दस शहर और जुड़े

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: Admin                                                                         Views: 376

Bhopal: इनमें भी लागू होगी स्ट्रीट वेंडर सहायता योजना

4 जून 2018। भारत सरकार और मप्र शासन एवं नगरीय निकायों के संयुक्त प्रयासों से शहरी गरीबों के उत्थान के लिये संचालित दीनदयाल अन्त्योदय योजना-राज्य शहरी आजीविका मिशन दस और शहरों में लागू की गई है। इन दस शहरों में भी अब शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता योजना के अलावा स्वरोजगार कार्यक्रम एवं सामाजिक एकजुटता एवं संस्थागत विकास कार्यक्रम प्रारंभ किये जायेंगे।

उल्लेखनीय है कि राज्य शहरी आजीविका मिशन वर्ष 2014-15 से राज्य के 55 शहरों में लागू की गई थी और आगे जाकर यह 70 शहरों में प्रभावशील की गई तथा अब दस नये शहर जुडऩे से योजना में कुल 80 शहर शामिल हो गये हैं।

इन दस नये शहरों में लागू हुई योजना :
नगरीय निकाय सिहोरा जिला जबलपुर, पाण्ढुर्ना जिला छिन्दवाड़ा, नौगांव जिला छतरपुर, मलाजखण्ड जिला बालाघाट, पिपरिया जिला होंशगाबाद, सनावद जिला खरगौन, अम्बाह जिला मुरैना, ब्यावरा जिला राजगढ़, धनपुरी जिला शहडोल तथा बडऩगर जिला उज्जैन।

ये काम होंगे इन शहरों में :
इन दसों शहरों में पहले चरण में तीन योजनायें संचालित की जायेंगी। शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता योजना के अंतर्गत ऐसे पथ विक्रेताओं का सर्वे कर उनकी पहचान होगी, उनका पहचान-पत्र बनेगा, जोन का गठन होगा, पथ विक्रेताओं के विकास के लिये योजना बनेगी, वेंडर मार्केट निर्माण किया जायेगा, मूलभूत सुविधा जैसे फर्शीकरण-जलप्रदाय-प्रकाश-अपशिष्ट निदान-भंडारण स्थान-पार्किंग सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी, बचत खाता खुलवाया जायेगा, प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा, सामाजिक सुरक्षा सहायता प्रदान की जायेगी इत्यादि। यदि इन शहरों में पथ विक्रेताओं की पहचान कर पंजीकरण किया जा चुका है एवं पहचान-पत्र जारी किये गये हैं तो नवीन सर्वे होने तक उक्त पंजीकृत पथ विक्रेता इस योजना के क्रियान्वयन के लिये मान्य होंगे।
इसी प्रकार, स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत व्यक्तिगत एवं समूह ऋण के माध्यम से स्वरोजगार स्थापना के लिये सहायता प्रदान की जायेगी। व्यक्तिगत ऋण योजना के तहत 2 लाख रुपये एवं समूह ऋण योजना के अंतर्गत दस लाख रुपये परियोजना लागत राशि के रुप में दी जायेगी। इसमें मार्जिन मनी एवं ब्याज अनुदान सहायता भी मिलेगी।

सामाजिक एकजुटता एवं संस्थागत विकास योजना के अंतर्गत चिन्हांकित क्षेत्र/वार्ड/स्लम स्तर पर त्रिस्तरीय संगठन यानि स्वसहायता समूह, एरिया लेवल फेडरेशन एवं सिटी लेवल फेडरेशन का गठन किया जायेगा। इनळें बैंक लिंकेज दी जायेगी और गरीबों को बाजार मांग, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी परामर्श एवं सहायता उपलब्ध कराई जायेगी।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि राज्य शहरी आजीविका मिशन दस और शहरों में लागू की गई है तथा इनमें इस साल तीन योजनायें ही संचालित की जायेंगी। मिशन अब प्रदेश की 84 प्रतिशत जनसंख्या कवर कर रहा है। इन दस नये शहरों में आगामी अक्टूबर माह से पथ विक्रेताओं का नया सर्वे होगा परन्तु तब तक पहले जारी पहचान-पत्रों के आधार पर पथ विक्रेताओं को लाभ मिलेगा जिसमें असंगठित कर्मकारों के लिये जारी सामाजिक सुरक्षा योजनायें भी शामिल हैं।

डॉ नवीन जोशी

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