
6 जनवरी 2024। सट्टेबाजी के लिए चर्चित 'महादेव बेटिंग एप' मामले में ईडी की चार्जशीट में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल का भी नाम शामिल है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी असीम दास ने दावा किया है कि विधानसभा चुनाव के पहले पूर्व सीएम भूपेश बघेल को बेटिंग एप के प्रमोटर्स की तरफ से कुल 508 करोड़ रुपए दिए गए थे। हालांकि पूर्व सीएम ने इन दावों का खंडन भी किया था।
महादेव बेटिंग ऐप छत्तीसगढ़: महादेव सट्टा ऐप के मामले में नोटिफिकेशन एनामा (ईडी) की पहेली में पूर्व सीएम मिर्जा बघेल (भूपेश बघेल) का नाम आता है छत्तीसगढ़ (छत्तीसगढ़) की लॉटरी में शामिल हो गया है। शनिवार को जैसे ही ताजा खबर आई प्रदेश में इसकी चर्चा तेज हो गई। इस मामले को लेकर दोनों ही अप्रत्यक्ष के नेता सामने आ रहे हैं। बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की जनता के पैसे लूटने के पूर्व सीएम पर लगाए आरोप। तो वहीं कांग्रेस ने भी इस पर पलटवार करते हुए बीजेपी की साजिश बताई है।
थोक व्यापारी को अकाउंट करना होगा :बिजली प्रवक्ता
छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल (अनुराग अग्रवाल) ने इस मामले में कहा था कि छत्तीसगढ़ के आम लोगों का 508 करोड़ रुपये वाला महादेव ऐप (महादेव बेटिंग ऐप) के नाम से जो लूटा गया है, उसका हिसाब आपको जनता को देना ही है। होगा। आपकी जनता को लूटने के लिए एक भी मौका नहीं मिलेगा। आईआर पीएससीघोटाला हो, शराब घोटाला या फिर अन्य। बीजेपी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता के दुखों का ठिकाना (भूपेश बघेल) को मिलेगा।
कॉन्सेप्टकारी एजेंसी बनी ईडी: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी की जांच एजेंसी नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की साजिशकर्ता संस्था है. उन्होंने कहा कि कोट दास ने अदालत में यह बयान दिया था कि डीडी ने उन पर हस्ताक्षर किये थे। अब उस बयान को एचडी झुठलाने में लगा दिया गया है। जांच में यह साफ हो जाएगा कि मामले में पूर्व मुख्यमंत्री चंबा (भूपेश बघेल)पाक साफ हैं।