
साहस और हिम्मत का परिचय देते हुए तेजाब हमले की पीड़ित भारतीय किशोरी रेशमा कुरैशी ने प्रतिष्ठित न्यूयॉर्क फैशन वीक के दौरान रैंप पर वॉक किया. इस रैंप वॉक के साथ रेशमा ने सारी दुनिया को संदेश दिया कि 'खूबसूरती का ताल्लुक सिर्फ त्वचा से नहीं होता है.' रेशमा के इस संदेश ने लोगों का दिल जीत लिया.
एफटीएल मोडा आयोजित फैशन वीक में हिस्सा लेने के लिए 19 साल की रेशमा कुरैशी को आमंत्रित किया गया था, जिनका चेहरा तेजाब हमले में बुरी तरह झुलस गया था.
कुरैशी भारतीय डिजाइनर अर्चना कोचर के डिजाइन किए गए सफेद रंग के गाउन में रैंप पर आईं तो लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया. रेशमा ने फैशन वीक में भारतीय डिजाइनर अर्चना कोचर के संग्रह ''ए टेल ऑफ टू ट्रैवल्स'' को उत्साह के साथ पेश किया. रेशमा ने बेहद विश्वास के साथ रैंप पर वॉक किया, उन्होंने इसे जीवन बदलने वाला एक अनुभव बताया.
मंच से पीछे जब वह शो के लिए तैयार हो रही थी तो वह वीडियो कैमरा और फोटोग्राफरों से घिरी हुई थीं. इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "बहुत अच्छा महसूस हुआ." उन्होंने इस बात पर बल दिया कि लोगों के लिए तेजाब पीड़ित लोगों की कहानियां जानने की जरुरत है, साथ ही यह भी कि वे आम जिंदगी जी सकते हैं.
रेशमा पर 2004 में तेजाबी हमला हुआ था. इस दर्दनाक घटना में उनकी एक आंख की रोशनी चली गई. भारत में तेजाब की खुली बिक्री खत्म करने के अभियान का वह चेहरा बन गई हैं.
सनी लियोन ने दिया रेशमा का साथ
ये है रेशमा की कहानी
दो साल पहले 2014 में रेशमा के जीजा के किए गए एसिड हमले ने उसकी पूरी जिंदगी को बदल कर रख दिया. उस वक्त रेशमा की उम्र महज 17 साल थी. यह हादसा यूपी के इलाहाबाद से करीबन 36 किमी दूर उसके घर मऊ एमा में हुआ. उस दौरान वह वहां दसवीं की परीक्षा देने गई हुई थीं.
इसमें उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया था और एक आंख चली गई थी.