
24 सितम्बर 2016। नए उद्यमियों को कारोबार स्थापित करने से लेकर उसे भली प्रकार चलाने में आने वाली दिक्कतें अब कम होने वाली है। शहर के दो सफल उद्यमियों ने इस दिशा में पहल करते हुए मध्यप्रदेश में निजी क्षेत्र का पहला इन्क्यूबेशन सेंटर स्टार्ट अप स्टेशन स्थापित किया है। स्टार्ट अप स्टेशन नए उद्यमियों को बिजनेस प्लान बनाने, वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने, निजी एवं सरकारी संस्थाओं से फायनेंस उपलब्ध कराने, जरूरी संपर्क उपलब्ध कराने तथा कारोबार चलाने में आने वाली चुनौतियों को दूर करने आदि में मदद करेगा। इस इन्क्यूबेशन सेंटर की शुरूआत आज साॅफ्टवेयर, मोबाइल एप्लीकेशन तथा हेल्थकेयर क्षेत्र के चार स्टार्टअप्स के साथ की गई।
इस अवसर पर स्टार्ट अप स्टेशन के संस्थापक राहुल रंगारे ने कहा "आज के दौर में बड़ी संख्या में युवा काम करने की आजादी और कुछ नया करने की सोच रखते हैं। इनमें से अधिकतर युवा अनुभव की कमी और कारोबार को चलाने संबंधी जरूरी ज्ञान न होने से अनेक कठिनाईयों का सामना करते हैं। उनका स्टार्ट अप स्टेशन ऐसे ही युवाओं को न सिर्फ कारोबार शुरू करने में मदद करेगा बल्कि अपने यहां मौजूद विशेषज्ञों के द्वारा सफल बनने केे गुर भी सिखाएगा।"
स्टेशन के सह संस्थापक रितेश रंगारे ने कहा कि वे एक लंबे समय से इस केन्द्र को खोलने के इच्छुक थे, उन्होंने बीते तीन महीनों में इस दिशा में अपनी तैयारी को पूरा कर इसे आरंभ करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आने वाले तीन वर्षों में भोपाल को मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा स्टार्ट अप केन्द्र बनाना है।
श्री रंगारे ने बताया कि वरिष्ठ विशेषज्ञों की एक टीम स्टार्ट अप स्टेशन को मिलने वाले आवेदनों को विभिन्न मानदण्डों के आधार पर चुनेगी। फिलहाल इस टीम द्वारा चार स्टार्ट अप्स को चुना है जिन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं व सहयोग प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि शहर के एमपी नगर, जोन-2 में 3000 वर्गफिट से अधिक जगह में स्थापित इस स्टेशन में न सिर्फ अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं हैं बल्कि विशेषज्ञों की टीम भी तैनात की गई है जो बिजनेस आइडियाज को हकीकत में बदलने में मदद करेगी।
इस अवसर पर हेल्थकेयर स्टार्ट अप मेडीक्लाउड 365 के सह संस्थापकों - गीत सोनी तथा देवाशीष सक्सेना - ने बताया कि उन्हें स्टार्ट अप स्टेशन से जुड़कर बड़ी प्रसन्नता हो रही है। उन्हें अपने इस प्रोजेक्ट के लिए काफी समय से इस प्रकार के सहयोग की जरूरत थी जो अब पूरी हो गई है। स्टार्ट अप स्टेशन यहां वहां भटक रहे नए उद्यमियों के लिए निसंदेह अपना सपना सच होने जैसा है।