
4 अप्रैल 2025। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार, जिन्होंने अपने अभिनय और निर्देशन से राष्ट्रीय गौरव और एकता की भावना को फिल्मों में जीवंत किया, 87 वर्ष की आयु में 4 अप्रैल, 2025 को दुनिया को अलविदा कह गए। उनकी मृत्यु से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
मनोज कुमार, जिन्हें 'भारत कुमार' के नाम से भी जाना जाता है, ने भारतीय सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। उनकी फिल्में आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई हैं। उनकी फिल्मों में देशभक्ति, सामाजिक संदेश और मानवीय मूल्यों का गहरा चित्रण होता था।
🎥 कुछ प्रमुख क्लासिक फिल्में:
'वो कौन थी?' (1964): यह रहस्य और रोमांच से भरपूर फिल्म मनोज कुमार के करियर की शुरुआती सफलताओं में से एक थी। इसमें साधना के साथ उनकी जोड़ी को खूब सराहा गया।
'शहीद' (1965): इस फिल्म में मनोज कुमार ने शहीद भगत सिंह का किरदार निभाया, जिसने देशभक्ति की भावना को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनके इस किरदार को आज भी याद किया जाता है।
'उपकार' (1967): इस फिल्म में 'जय जवान जय किसान' का नारा गूंजा। फिल्म में मनोज कुमार ने एक किसान और सैनिक दोनों की भूमिका निभाई, जिसने देश के प्रति समर्पण और बलिदान की भावना को दर्शाया।
'पूरब और पश्चिम' (1970): यह फिल्म भारतीय संस्कृति और मूल्यों को पश्चिमी संस्कृति के सामने मजबूती से प्रस्तुत करती है। इसमें मनोज कुमार ने भारत की समृद्ध विरासत को दर्शाया।
'क्रांति' (1981): यह फिल्म भारत के स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित थी, जिसमें मनोज कुमार ने एक क्रांतिकारी की भूमिका निभाई। इस फिल्म को उनके निर्देशन में बनी सबसे बड़ी फिल्मों में से एक माना जाता है।
मनोज कुमार ने न केवल अभिनय किया, बल्कि उन्होंने कई फिल्मों का निर्देशन भी किया, जिनमें 'उपकार', 'पूरब और पश्चिम' और 'क्रांति' शामिल हैं। उनकी फिल्मों में संगीत का भी विशेष महत्व होता था, और उनके गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
मनोज कुमार के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनकी फिल्में और उनके योगदान हमेशा याद किए जाएंगे।
📽 अज्ञात तथ्य:
मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी था।
उन्होंने दिलीप कुमार से प्रभावित होकर अभिनय की दुनिया में कदम रखा।
उन्होंने कई फिल्मों में निर्देशन भी किया, और हर बार अपने निर्देशन से सब को मोहित किया।
उनका 'भारत कुमार' नाम उनकी देशभक्ति वाली फिल्मों के कारण पड़ा।
उनकी यादें हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी।