
तूफान नेपार्तक के चीन के पूर्वी तट पर पहुंचने के साथ ही चार लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया। तूफान के कारण शक्तिशाली हवाएं चलीं और भारी बारिश आई, जिसके कारण हवाई, रेल और सड़क यातायात बाधित हो गया और अधिकारियों को इस साल का पहला रेड अलर्ट जारी करना पड़ा।
मौसम का यह पहला तूफान सबसे पहले फुजियान के शिशी शहर में दोपहर एक बजकर 45 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर पहुंचा। तूफान के साथ हवाएं 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं। अधिकारियों ने प्रांतीय राजधानी फुजोउ सहित चार शहरों के निचले इलाकों से 4,20,000 लोगों को तुरंत निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। साथ ही मछली पकड़ने वाली 33,200 नौकाओं को बंदरगाहों पर वापस लौटने को कहा।बाढ़ के पानी में दो इमारतें डूब जाने के बाद अग्निशमन दल ने 43 लोगों को सुरक्षित बचाया। ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में कई भवन ध्वस्त हो गए हैं और भूस्खलनों की भी सूचना है। सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ की खबर के अनुसार, पांच हवाईअड्डे बंद करने पड़े जिसके कारण करीब 400 उड़ानें रद्द हुईं। कुल 341 हाई-स्पीड ट्रेनें रद्द की गयीं। करीब 5,000 बसों को सड़कों से हटाया गया।खबर के अनुसार, जलडमरूमध्य से होकर ताइवान जाने वाले सभी यात्री विमान सेवाओं और यात्री जहाजों की यात्रा रद्द कर दी गयी है। इस सप्ताहांत में 100 से ज्यादा ट्रेनें रद्द की गयी हैं और सड़क यातायात बाधित हुआ है। चीन के स्टेट ओशियेनिक एडमिनिस्ट्रेशन (एसओए) ने इस साल का पहला रेड अलर्ट जारी कर लोगों को देश के तट पर पहुंच रहे नेपार्तक तूफान के कारण तबाही की चेतावनी दी।
एसओए ने अनुमान लगाया है कि ताइवान की खाड़ी में करीब नौ मीटर उंची समुद्री लहरें उठेंगी जबकि फुजियान प्रांत के पास करीब छह मीटर उंची लहरें उठेंगी। तूफान से पहले पिछले कुछ हफ्तों में देश के कई प्रांतों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण 160 लोग मारे गए और 28 लापता हो गए थे। नेपार्तक तूफान सबसे पहले पूर्वी ताइवान के तट पर पहुंचा था।