
पाकिस्तान ने सोमवार को भारत को कश्मीर पर बातचीत का न्यौता देते हुए कहा कि इस मुद्दे को सुलझाना दोनों देशों का 'अंतरराष्ट्रीय दायित्व' है.
पाकिस्तानी विदेश सचिव एजाज चौधरी ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त गौतम बंबावले को बुलाया और उन्हें भारत के विदेश सचिव सुब्रमण्यम जयशंकर के लिए चिट्ठी सौंपी.
इस पत्र में जयशंकर को कश्मीर मुद्दे पर बातचीत के लिए पाकिस्तान आने का न्यौता दिया गया है.
पाकिस्तान के विदेश सचिव के प्रवक्ता नफ़ीस ज़कारिया ने कहा, "विदेश सचिव ने भारतीय उच्चायुक्त को बुलाया और उन्हें भारतीय विदेश को संबोधित एक पत्र सौंपा. पत्र में जम्मू-कश्मीर विवाद पर बातचीत के लिए उन्हें पाकिस्तान आने का न्यौता दिया गया है, जो कि दोनों देशों के बीच विवाद की मुख्य वजह है."इससे पहले, पिछले महीने मीडिया से बातचीत के दौरान पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने भी भारत-पाकिस्तान की बातचीत पर ज़ोर दिया था.
उन्होने कहा था कि भारत प्रशासित कश्मीर कभी भी भारत का अंदरुनी मामला नहीं रहा है.
अजीज़ ने कहा था कि पाकिस्तान कश्मीरियों का नैतिक और कूटनीतिक समर्थन करता रहेगा.
उन्होंने कहा कि सभी मसलों का हल बातचीत के ज़रिए मुमकिन है, लेकिन भारत इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है, यही वजह है कि भारत बातचीत की मेज पर नहीं आ रहा है. जवाब में भारत ने पाकिस्तान की ओर से बातचीत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बातचीत के लिए कुछ शर्तें लगाई थीं.