
3 अप्रैल 2025। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को 'लिबरेशन डे' योजना के तहत वैश्विक व्यापार नीति में बड़ा बदलाव करते हुए नए टैरिफ लागू करने की घोषणा की। इस फैसले से भारत सहित अमेरिका के कई प्रमुख व्यापारिक साझेदार प्रभावित होंगे और संभावित वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, ये नए शुल्क "पारस्परिकता के सिद्धांत" पर आधारित हैं और अमेरिका की आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए लगाए जा रहे हैं। ट्रम्प ने इसे अमेरिका के लिए "आर्थिक स्वतंत्रता दिवस" बताया और कहा कि इस नीति से घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रपति ने पुष्टि की कि सभी विदेशी निर्मित कारों और ट्रकों पर 25% वैश्विक टैरिफ गुरुवार से लागू होंगे, जबकि ऑटोमोटिव पार्ट्स पर यह शुल्क 3 मई से प्रभावी होगा। व्हाइट हाउस रोज़ गार्डन में दिए गए अपने भाषण में ट्रम्प ने कहा, "हमारी कंपनियों को दूसरे देशों में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।" उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन टैरिफ से अमेरिका में नौकरियाँ और कारखाने फिर से तेजी से बढ़ेंगे।
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) April 2, 2025
🔸 भारत पर प्रभाव
भारत, जो अमेरिका के साथ प्रमुख व्यापारिक संबंध रखता है, इन नए टैरिफ से प्रभावित हो सकता है। वाशिंगटन की नई शुल्क नीति के तहत यूरोपीय संघ पर 20%, चीन पर 34%, जापान पर 24%, और भारत सहित अन्य देशों पर 10% से 50% तक के शुल्क लागू किए जाएंगे। भारत की ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर विशेष रूप से इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका अपने घरेलू औद्योगिक आधार को मजबूत करेगा और विदेशों में व्यापार बाधाओं को तोड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि इससे अंततः अमेरिकी उपभोक्ताओं को लाभ होगा और कीमतों में कमी आएगी। उन्होंने कहा, "हमारे देश और करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से लूटा जा रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हम अंततः अमेरिका को प्राथमिकता दे रहे हैं।"
इस फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में संभावित तनाव बढ़ सकता है। भारतीय अर्थशास्त्रियों और उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपनी निर्यात नीति में बदलाव करने की जरूरत पड़ सकती है ताकि अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहे। वहीं, भारतीय सरकार इस मामले पर जल्द ही अपनी प्रतिक्रिया दे सकती है।