
बलूचिस्तान की एक सूफ़ी मुस्लिम शाह नूरानी दरग़ाह में हुए भीषण विस्फोट में 43 लोग मारे गए, जबकि कई अन्य ज़ख़्मी हो गए.
ये धमाका कुज़दार ज़िले के दूर-दराज़ के इलाक़े में हुआ है. बचाव दलों को वहां पहुंचने में मशक्क़त का सामना करना पड़ रहा है.
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के गृह मंत्री सरफराज बुगटी ने बात करते हुए इशारा किया कि विस्फोट के पीछे बाहरी हाथ हो सकता है.
धमाके की प्रकृति के बारे में उनका कहना था कि अभी जांच जारी है जिसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि यह आत्मघाती हमला था या रिमोट कंट्रोल.
शाह नूरानी दरग़ाह में उस वक़्त धमाल (एक तरह का नृत्य) जारी था, जब ये ज़ोरदार धमाका हुआ.
शाह नूरानी के तहसीलदार जावेद इकबाल ने निजी टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि शनिवार और रविवार को कराची से लोग दरगाह पर आते हैं, जिससे चलते यहाँ काफी भीड़ थी.
पाकिस्तान में सूफ़ी फ़लसफ़े में यक़ीन करने वालों की तादाद लाखों में है, लेकिन चरमपंथी इसका विरोध करते आए हैं.
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़, धमाके में ज़ख़्मी लोगों को कराची के अस्पतालों में ले जाया जा रहा है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने हमले की निंदा करते हुए बचाव और राहत दलों को काम पर लगाया है.
प्रांतीय प्रवक्ता अनवारुल हक ने मीडिया से कहा कि अंधेरा होने के कारण शाह नूरानी में राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं.
इस साल चरमपंथियों ने कई हमले कर आम लोगों को निशाना बनाया है.
अक्टूबर में क्वेटा में हुए एक हमले में पुलिस कॉलेज में कई लोग मारे गए थे, जबकि अगस्त में एक अस्पताल में हमला कर 70 लोग मार दिए गए थे.