
16 नवम्बर 2016, अगले कुछ दिनों में भारतीय प्रधानमंत्री भी इजरायल जा सकते हैं। अगर मोदी इजरायल दौरा करते हैं तो ऐसा करने वाले वो पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।
पिछले कुछ दिनो में पाक में भारत को लेकर चर्चा बनी हुई है। पहले अपनी सभाओं में भारती की बेहतर दोस्त का जिक्र करने के बाद अमरेकी राष्ट्रपति में डोनाल्ट ट्रंप की जीतना फिर भारतीय सेना के हाथों सात पाकिस्तानी सैनिकों का मरना, इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी का नोट बंदी फैसला। अब इसी लाइन नया मुद्दा इजरायली राष्ट्रपति र्यूवेन रिवलिन का भारती यात्रा है। पाकिस्तान को इजरायली राष्ट्रपति की भारतीय यात्रा कुछ ज्यादा पसंद नहीं आई। पाकिस्तान एक चैलन में दोनों देशों के संबंधों पर बात करते हुए कहा गया कि कश्मीर में और फिलिस्तीन में दोनों देशों की एक जैसी पॉलसी बनी हुई है। कहने को दोनों देशों ट्रेड के लिए मिल रहे हैं लेकिन असल में इजरायली राष्ट्रपति रक्षा सौदे के लिए भारत आ रहे हैं। भारत इजरायली संबंध बहुत पुराने हैं और इसका टारगेट पाकिस्तान है।
इससे पहले भारत पहुंचे इस्राइल के राष्ट्रपति र्यूवेन रिवलिन ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को पूरा सहयोग देने की प्रतिबद्धता जतायी। साथ ही उन्होंने कहा है कि भारत एवं इस्राइल की मित्रता लम्बे समय से सतत रूप से चल रही है तथा यह ऐसा सम्बन्ध नहीं है जिसे हमें छिपाने की जरूरत पड़े। रिवलिन आठ दिनों की भारत यात्रा पर सोमवार (14 नवंबर) को दिल्ली पहुंचे। इस्राइली राष्ट्रपति ने एक साक्षात्कार में विभिन्न मुद्दों पर बोलते हुए स्वीकार किया कि फलस्तीन मुद्दे पर भारत के साथ मतभेद हैं। किन्तु उन्होंने भारत इस्राइल के बढ़ते संबंधों के बारे में गर्मजोशी से बोला क्योंकि दोनों देश अगले वर्ष उनके राजनयिक संबंध कायम होने के 25 वर्ष मनाने की तैयारी कर रहे हैं। इससे अलग अगले कुछ दिनों में भारतीय प्रधानमंत्री भी इजरायल जा सकते हैं। अगर मोदी इजरायल दौरा करते हैं तो ऐसा करने वाले वो पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।