अमेरिकी चुनाव: मतदान प्रणाली में साइबर हैकिंग की आशंका

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Place: वाशिंगटन                                                👤By: PDD                                                                Views: 19269

28 नवम्बर 2016, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस प्रवेश पर क्या ग्रहण लग सकता है? ग्रीन पार्टी और रिफॉर्म पार्टी की ओर से विस्कांसिन प्रांत के मतों की दोबारा गिनती की मांग ऐसा ही संकेत दे रही है। ग्रीन पार्टी ने विस्कांसिन में मतदान प्रणाली में साइबर हैकिंग की आशंका जताई है।



अमेरिकी चुनाव आयोग ने उनकी यह मांग स्वीकार कर ली है। विस्कांसिन में डोनाल्ड ट्रंप 22,000 वोटों के मामूली अंतर से हिलेरी क्लिंटन के मुकाबले जीते थे। ऐसे में पुनर्गणना में नतीजे अगर उलट होते हैं तो वह ट्रंप के रास्ते में रोड़ा बन सकते हैं।



हालांकि सिर्फ विस्कांसिन में वोटों की फिर से गिनती के नतीजे से ट्रंप की किस्मत तब तक नहीं बदलेगी, जब तक कि मिशीगन और पेंसिलवेनिया प्रांतों की मतों की दोबारा गिनती में भी उलटफेर न हो। ग्रीन पार्टी की प्रत्याशी जिल स्टेन और रिफॉर्म पार्टी के नामिनी रॉक 'रॉकी' डीला फ्यूंट ने चुनाव आयोग में याचिकाएं दाखिल की हैं।



इसमें उन्होंने कहा है कि विस्कांसिन में रूसी हैकर्स मतदान प्रणाली को हैक कर सकते हैं, इसलिए इसकी विश्वसनीयता की जांच जरूरी है। चुनाव आयोग ने याचिकाएं स्वीकार करते हुए 13 दिसंबर तक वोटों की दोबारा गिनती का काम पूरा करने की बात कही है। साइबर विशेषज्ञों ने विस्कांसिन, मिशीगन और पेंसिलवेनिया में हैकिंग का शक जताया है। साइबर हैकिंग के जरिये वोटों की गिनती में हेरफेर किया जा सकता है।



शायद यही वजह है कि जिल स्टेन पेंसिलवेनिया और मिशीगन प्रांतों में भी चुनावी नतीजों को चुनौती देने की तैयारी कर रही हैं। विस्कांसिन, पेंसिलवेनिया और मिशीगन प्रांत हमेशा से डेमोक्रेट्स के गढ़ रहे हैं, लेकिन इन प्रांतों के फैसलों ने हिलेरी क्लिंटन को अप्रत्याशित हार दी है। ये ही प्रांत चुनाव में टर्निंग प्वाइंट साबित हुए।



तीनों प्रांतों के कुल 46 इलेक्टोरल वोट डोनाल्ड ट्रंप को मिले। जिल स्टेन और रॉक रॉकी डीला फ्यूंट राष्ट्रपति पद के चुनाव में ट्रंप और हिलेरी के अलावा दूसरे उम्मीदवार थे, जिनको इन तीनों ही प्रांतों में कम वोट मिले। अगर तीनों ही प्रांतों में दोबारा मतगणना होती है और नतीजे बदलते हैं तो सारे वोट हिलेरी क्लिंटन को मिलेंगे।



ऐसे में उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति बनने से कोई नहीं रोक सकता। पॉपुलर वोट के मुताबिक, अगर तीनों प्रांतों के 46 इलेक्टोरल वोट हिलेरी क्लिंटन को मिलते हैं तो उनके वोट 278 हो जाएंगे, जबकि ट्रंप के घटकर 244 रह जाएंगे। जीत के लिए 270 वोटों की जरूरत होती है।



चुनाव के अंतिम नतीजों के मुताबिक, ट्रंप को इलेक्टोरल कॉलेज के 290 वोट मिले हैं, जबकि हिलेरी को 232 वोट मिले थे। बहरहाल अब वोटों की फिर से गिनती का इंतजार है। इसके नतीजे अमेरिका में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर कर सकते हैं।



चुनाव परिणाम की निंदा नहीं, सम्मान किया जाए : ट्रंप



विस्कांसिन में मतों की फिर से गिनती को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उसे चुनौती देनी चाहिए या उसकी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने विस्कांसिन प्रांत में पुनर्गणना की प्रक्रिया को एक तरह का घोटाला बताया है।



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