
सितम्बर 14, 2016। देश में वर्तमान हवाई सेवा पर केन्द्र सरकार अतिरिक्त कर यानी लेवी लगाने की तैयारी कर रही है जिससे यह मंहगी होगी। ऐसा क्षेत्रीय हवाई सम्पर्क को बढ़ाया देने के लिये किया जा रहा है। इसके लिये एक निधि निर्मित की जा रही है जिसमें मप्र सहित अन्य राज्यों को भी अंशदान देना होगा। आगामी 26 सितम्बर के बाद यह नया प्रावधान देशभर में लागू हो जायेगा।
इसके लिये केन्द्र सरकार ने वायुयान संशोधन नियम जारी कर दिये हैं। इसमें कहा गया है कि केन्द्र सरकार क्षेत्रीय हवाई सम्पर्कता को बढ़ावा देने या उससे संबंधित किसी अन्य प्रयोजना के लिये वायुयान प्रचालकों को क्षेत्रीय विमान सेवा में होने वाले घाटे की प्रतिपूर्ति हेतु एयर कनेक्टिविटी फण्ड बनायेगी। देश के भीतर प्रचलित हो रही शेड्यूल फ्लाईट्स पर लेवी लगाकर उसे वसूल करेगी तथा यह लेवी शेड्यूल फ्लाईट्स में रत विमान की सिटिंग क्षमता और ऐसे मार्ग जिन पर ऐसी उड़ाने प्रचलित हैं- के आधार पर निर्धारित होगी।
नियमों में कहा गया है कि इस रीजनल एयर कनेक्टिविटी स्कीम में लाभ प्राप्त करने वाले राज्य भी इस निधि में निर्धारित अनुपात में अंशदान कर सकेंगे। विधिमान्य अन्य स्रोतों से भी इस निधि में अंशदान लिया जा सकेगा।
प्रदेश के विमानन विभाग का कहना है कि केन्द्र ने रीजनल एयर कनेक्टिविटी के बारे प्रारुप नियम जारी किये हैं। मप्र भी इसमें हितधारक है क्योंकि यहां क्षेत्रीय हवाई सम्पर्क की सबसे ज्यादा जरुरत है।
- डॉ नवीन जोशी