सांसदों द्वारा गोद लिए गए सभी आदर्श ग्रामों को नशामुक्त घोषित करे प्रधानमंत्री : डॉ. सुनीलम

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Place: बेगमगंज,                                                 👤By: Digital Desk                                                                Views: 17690

19 सितम्बर 2016। नशा मुक्त भारत आंदोलन के तीसरे दिन यात्रा सलामतपुर, सांची तथा विदिशा पहुंची जहां भारी संख्या में लोग उपस्थित हुए, खासकर महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। सलामतपुर में दीपक सक्सेना, एहसान जाफरी, जिला पंचायत सदस्य तुलसीराम मेहरा, नारायण सिंह राजपूत तथा मंजू राजधार ने यात्रा का स्वागत किया। नारायण सिंह राजपूत जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शराब से लाखो लोगों के घर बरबाद हो रहे हैं और जान माल की भी भारी क्षति हो रही है इसलिए नशे पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए। वरिष्ठ नागरिक बसंत अग्रवाल ने शराब को विनाश का कारण बताया और संपूर्ण भारत में शराब बंदी का समर्थन किया। किसान जागृति संगठन के अध्यक्ष इरफ़ान जाफरी ने कहा कि नशा एक अभिशाप है और इस अभिशाप से समाज को मुक्ति चाहिए, इसके लिए सभी महिलाओं को घरों से बाहर निकल कर पहल करनी होगी। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा हर आदमी को अपनी बात रखने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है। अविद्या विमुक्ति संस्थान की मंजू भरमार ने सभा का संचालन करते हुए कहा कि महिलाओं को ठेकेदारों द्वारा डराया जाता है। यही एक वजह है उनकी आवाज दब जाती है और वह शराब का विरोध करने के लिए घरों से निकलने में डरती हैं। अविद्या विमुक्ति संस्थान के संजय कुमार ने कहा कि उनकी संस्था शराबबंदी पर पिछले 3 साल से काम कर रही है। शुरुआत में बहुत बाधाएं आयी लेकिन 3 सालों के संघर्ष के बाद बहुत बदलाव आया है और महिलाओं में भी जागरूकता बढ़ी है।



नशा मुक्त भारत यात्रा इस के बाद साँची पहुंची। साँची में सभा का आयोजन विवेकानंद विद्यालय के विद्यार्थियों, युवाओं के द्वारा किया गया। संस्कार स्वानी, रेहान, केककसा मंसूरी, शिखा राजपूत, तनु मीणा, रुचिका, संदीप जैन आदि विवेकानंद स्कूल के विद्यार्थियों ने प्रभावपूर्ण तरीके से शराब बंदी क्यों आवश्यक है, इस बात पर अपने विचार व्यक्त किये। बच्चों ने कहा जहां नारी का सम्मान होता है, वहां भगवान का निवास होता है इसलिए अगर महिलाओं को सम्मान दिलाना है तो शराब बंदी आवश्यक है। बच्चों ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लोग नशा तो करते हैं लेकिन इस से होने वाली बीमारी के बारे में नहीं सोचते या नहीं जानते। एक विद्यार्थी ने बताया कि नशा मनुष्य के जीवन के हर दिन के 11 मिनट कम कर देता है। बच्चों ने नारा लगाया "नशा छोड़ो, परिवार जोड़ो"। विवेकानंद विद्यालय के संचालक अरुण मिश्रा ने कहा हमारा देश धार्मिक विविधता का देश है जहाँ समय- समय पर झांकियां निकाली जाती हैं लेकिन शराब की दुकानों पर विज्ञापनों की झांकियां पूरे 365 दिन दिखलाई पड़ती हैं। उन्होंने कहा हर वर्ग नशे की इस बीमारी से पीड़ित है और लोगों को बिना डरे इसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए आगे आना चाहिए।



साँची के बाद नशा मुक्त भारत यात्रा विदिशा पहुंची जहां पर शराब की दुकान के सामने बस स्टैंड पर लोगों की भीड़ ने शराब के व्यापार का विरोध किया। चालक परिचालक समिति के खुशाल सिंह राजपूत, शिल्पकार दौलत राम जी ने सभा में बताया कि बस स्टैंड के सामने शराब की इस दुकान को बंद कराने के लिए हम 20 बार कलेक्टर तथा एसपी को ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन वहां से हमें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती। डॉक्टर सुनीलम ने कहा कि बस स्टैंड, स्कूल, मंदिर तथा बाजार के पास शराब की दुकान का ठेका नहीं खोला जा सकता, यह गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि विदिशा एकमात्र ऐसा संसदीय क्षेत्र है जिसने देश को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और विपक्ष का नेता दिए। विदिशा के लोगों को शराब बंदी लागू करने के लिए आगे आना चाहिए तथा समाज को शराब मुक्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रतिमाह 1440 लोगों की मौतें हो रही हैं जिसका कारण शराब है। मध्य प्रदेश सरकार को भी शराब से मरने वालों के आंकड़े जारी करने चाहिए तथा बताना चाहिए कि वह शराब से कितनी कमाई कर रही है और नशाबंदी कार्यक्रमों में कितना खर्च कर रही है।



इसके बाद विदिशा में ही हरगोद गाँव में सभा पहुची जहाँ दूर-दूर के गांवों से बच्चे आये थे और सभी ने अपने क्षेत्र को शराबमुक्त करवाने की शपथ ली। पास के ही विद्यालय की एक छात्रा मुस्कान ने कहा कि लोग किसी असहाय की मदद के लिए एक रुपया भी देने को तैयार नही होते लेकिन शराब में हजारों, लाखों रूपये बरबाद कर देते हैं। श्रीमती पुष्पा रावत, विक्रम सिंह ठाकुर ने कहा की हम इस गाँव को नशामुक्त बनाने की मुहिम चलाएंगे और आस पास के सारे शराब के ठेके बंद करवाएंगे। गाँव में पानी की समस्या है और इस समस्या को हल करना जरूरी है। गाँव के लोगों ने नारा लगाया "शराब नही पानी चाहिए"। डॉ. सुनीलम ने बच्चों को प्रधानमंत्री से इस गाँव तथा सम्पूर्ण भारत को नशामुक्त घोषित करने की अपील करने को कहा।



देर शाम न. मु. भा. यात्रा ने बेगमगंज के कोकलपुर एवं महूना गांवों में जाकर अभियान चलाया। टी.आर. अठया, पार्षद दिनेश गुप्ता, पार्षद मुन्ना दाना, योगेश शर्मा, अलबिनुस इक्का, मंडी सदस्य निर्भय सिंह तथा भगवन सिंह विश्वकर्मा ने यहाँ यात्रा का स्वागत किया। प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट आराधना भार्गव ने सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कानूनी रुप से राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर शराब का व्यापार करना गैरकानूनी है लेकिन इसके बाद भी राष्ट्रीय राजमार्गो पर अवैध रूप से शराब बिक रही है। उन्होंने कहा कि भले ही बाजार में दूध आपको हर समय उपलब्ध ना हो लेकिन शराब पूरे दिन उपलब्ध रहती है। उन्होंने बच्चों को संविधान पढने को भी प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कल 20 सितम्बर को न. मु. भा. यात्रा सुल्तानगंज, सागर, ढाना, जरुआखेडा, बीना तथा अशोकनगर क्षेत्रों का दौरा करेगी।

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