न्यूनतम मजदूरी के मामले में केंद्र ने भोपाल को बी श्रेणी में रखा

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Place: भोपाल                                                👤By: Digital Desk                                                                Views: 17597

21 सितम्बर 2016। केन्द्र सरकार द्वारा अपने शहरी नियोजनों में भोपाल शहर को बी श्रेणी क्षेत्र में रखा है। वैसे इस क्षेत्र में जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर एवं उज्जैन को भी रखा गया है। इन नगरों में केंद्र ने न्यूनतम मजदूरी की आधारभूत दर 437 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की है। यह दर आगामी एक नवम्बर के बाद प्रभावशील हो जायेंगी।



केंद्र ने नागपुर शहर को इस मामले में ए श्रेणी क्षेत्र में रखा है जिसकी न्यूनतम मजदूरी की आधारभूत दर 523 रुपये प्रतिदिन तय की गई है। इस श्रेणी में वृहत्त मुम्बई, नवी मुम्बई और पुणे भी शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू दोनों हवाई अड्डों पर होने वाली माल की लदाई एवं उतराई का काम करने वाले मजदूरों को भी न्यूनतम मजदूरी कानून के दायरे में ला दिया है जोकि पहले नहीं थे।

इधर केंद्र ने देश के कृषि क्षेत्र के नियोजनों के लिये भी न्यूनतम मजदूरी निर्धारित कर दी है। इनमें भी ए एवं बी के वही क्षेत्र हैं जोकि शहरी नियोजनों के लिये दिये गये हैं, परन्तु इनमें न्यूनतम मजदूरी कम तय की गई है। ए श्रेणी के क्षेत्रों के लिये अकुशल श्रमिक हेतु 333 रुपये, अध्र्द कुशल हेतु 364 रुपये, कुशल हेतु 395 रुपये तथा उच्च कुशल हेतु 438 रुपये प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की गई है। इसी प्रकार बी श्रेणी के क्षेत्रों हेतु अकुशल श्रमिक हेतु 303 रुपये, अध्र्द कुशल हेतु 335 रुपये, कुशल हेतु 364 रुपये तथा उच्च कुशल हेतु 407 रुपये प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की गई है।



विभाग के लोगों का कहना है कि न्यूनतम मजदूरी का विषय समवर्ती सूची में है। केन्द्र श्रेणी वार न्यूनतम मजदूरी की दरें तय करता है जबकि प्रदेश में हम एक ही दर रखते हैं तथा हर साल 1 अक्टूबर को इसे रिवाईस करते हैं। अभी हमारे दरें ज्यादा हैं जिसे केंन्द्र ने भी अब बढ़ा दिया है।



- डॉ नवीन जोशी

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