निजी मेडिकल कॉलेजों को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की कॉलेज लेवल काउंसलिंग

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Place: भोपाल                                                👤By: Digital Desk                                                                Views: 17227

22 सितम्बर 2016। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रम के लिए सभी काउंसलिंग रद्द कर दी और इसे नए सिरे से कराने का आदेश दिया है. कोर्ट के इस निर्णय से निजी मेडिकल कॉलेजों को तगड़ा झटका लगा है.



मध्य प्रदेश सरकार की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. अब प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) मेरिट के आधार पर काउंसलिंग की जाएगी.



न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार से एक सप्ताह में नए सिरे से काउंसलिंग की कार्रवाई पूरा करने को कहा है.



गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने निजी मेडिकल कॉलेजों में चल रहे दाखिलों पर रोक लगा दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने निजी मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ अदालत की अवमानना का नोटिस भी जारी किया है और 19 सितंबर तक उनका जवाब मांगा है.



सुप्रीम कोर्ट ने निजी मेडिकल कॉलेजों के संचालकों से पूछा था कि, आखिर कॉलेजों में काउंसलिंग से प्रवेश देने में सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन क्यों नहीं किया जा रहा और ऐसे में क्यों ना उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई की जाए.



राज्य सरकार ने दी चुनौती

दरअसल, राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिलों के लिए की जा रही काउंसलिंग को चुनौती दी है.



याचिका में कहा गया कि नीट के जरिए मेडिकल कॉलेजों में दाखिलों की व्यवस्था देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि, निजी मेडिकल कॉलेजों में काउंसलिंग और सीटों के आवंटन पर राज्य सरकार का अधिकार रहेगा; लेकिन निजी मेडिकल कॉलेज सुप्रीम कोर्ट के आदेश की परवाह ना करते हुए अपने स्तर पर काउंसलिंग करवा रहे हैं, जिसमें राज्य सरकार की काउंसलिंग में शामिल छात्रों को कॉलेजों में दाखिला नहीं दिया जा रहा है.



निजी मेडिकल कॉलेजों के इस कदम को अदालत की नाफरमानी बताते हुए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ निजी मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है, बल्कि नीट के जरिए दाखिले के आदेश दिए हैं.

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