अमेरिका की आर'बॉनी गेब्रियल बनीं ब्रह्मांड सुंदरी, वो सवाल जिसने दिलाया ताज

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Place: Bhopal                                                👤By: prativad                                                                Views: 1993

अमेरिका की आर'बॉनी गेब्रियल ने इस साल मिस यूनिवर्स का खिताब जीत लिया है. उन्होंने आख़िरी राउंड में वेनेज़ुएला और डोमिनिक रिपब्लिक की प्रतिभागी को हराकर ये ताज अपने नाम किया.

ये 71वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता था जिसका आयोजन शनिवार को अमेरिका के लुइसियाना के न्यू ऑरलियन्स शहर में हुआ.

करीब 90 प्रतिभागियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया जिन्हें निजी साक्षात्कर से और कई श्रेणियों की प्रक्रिया से चुना गया था.

लेकिन, इनमें से सिर्फ़ तीन प्रतिभागी ही अंत तक पहुंच पाईं. इनमें अमेरिका के अलावा वेनेज़ुएला की अमेंडा दूदामेल और डोमिनिक रिपब्लिक की एंड्रिना मार्टिनेज़ शामिल हैं.

वेनेज़ुएला की अमेंडा दूदामेल दूसरे स्थान पर और डोमिनिक रिपब्लिक की एंड्रिना मार्टिनेज़ तीसरे स्थान पर रहीं.

भारत की तरफ़ से दिविता राय ने मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. वो शीर्ष-16 तक ही पहुंच पाईं.



क्या सवाल पूछा गया
आख़िरी राउंड में तीनों प्रतिभागियों से एक ही सवाल पूछा गया था.

ये सवाल था - अगर आप मिस यूनिवर्स बनती हैं तो आप इसे एक सशक्त और प्रगतिशील संस्थान दिखाने के लिए कैसे काम करेंगी?

गेब्रियल ने जवाब दिया - मैं इसे परिवर्तनकारी नेता के रूप में इस्तेमाल करूंगी. 13 सालों से एक जुनूनी डिज़ाइनर के तौर पर, मैं फैशन को अच्छे कामों के लिए इस्तेमाल करती हूं. मैं रिसाइकल मैटीरियल से कपड़े बनाती हूं ताकि प्रदूषण कम किया जा सके. मैं महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देती हूं जिससे वो मानव तस्करी और घरेलू हिंसा से बच सकें.

''मैं ये इसलिए बता रही हूं क्योंकि कुछ अलग करने के लिए दूसरे को, समुदाय को अपना कुछ देना और अपने कौशल का इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण है. हम सभी में कुछ खास है और जब हम ये बीज दूसरों में बोते हैं तो हम उन्हें भी बदल देते हैं और इसे हम बदलाव के ज़रिए ही इस्तेमाल करते है.''

तीनों प्रतिभागियों से यही सवाल पूछा गया था और तीनों ने अलग-अलग जवाब दिए. एक के जवाब के दौरान दूसरे को उसे सुनने की इजाज़त नहीं थी.

वेनेज़ुएला की अमेंडा दूदामेल ने जवाब दिया, ''अगर मैं मिस यूनिवर्स जीतती हूं तो मैं उस विरासत का अनुकरण करूंगी जो पूरी दुनिया में इस संस्था से जुड़े होने के नाते पुरुष और महिलाओं ने दिखाई है. क्योंकि मिस यूनिवर्स ने दिखाया है कि ऐसी महिलाएं चुनते हैं जो अपने संदेशों से प्रेरित करती हैं और अपने कार्यों से बदलाव लाती हैं और मैं भी बिल्कुल यही करना चाहूंगी. मैं पेशे से डिज़ाइनर हूं लेकिन एक महिला के तौर पर मैं सपनों डिज़ाइनर हूं.''

डोमिनिक रिपब्लिक की एंड्रिना मार्टिनेज़ ने जवाब दिया, ''मैं समझती हूं कि मिस यूनिवर्स संस्था एक ऐसे दूत को ढूंढ रही है जो संदेश देने में सक्षम हो. मैं महिला अधिकारों के लिए तब से काम कर रही हूं जहां तक मुझे याद आता है. ये मेरे हर दिन की हकीकत रहा है. मैं यहां ये दिखाने आई हूं कि ये मायने नहीं रखता कि आप कहां से आए हैं, आपकी पृष्ठभूमि आपको परिभाषित नहीं करती, आपकी हिम्मत और दृढ़ता ही मायने रखती है. मैं अपने नेतृत्व और दृढ़ता से हर दिन काम करके ये दिखाऊंगी.''

बीते साल भारत को मिला था ताज
इस बार की मिस यूनिवर्स को पिछली मिस यूनिवर्स हरनाज़ संधू ने ताज पहनाया.

भारत की हरनाज़ संधू साल 2021 में पिछली बार ये ताज भारत लेकर आई थीं. मिस यूनिवर्स का ताज भारत की झोली में 21 सालों के बाद आया था.

आख़िरी बार साल 2000 में लारा दत्ता ने इस ख़िताब को जीता था और उसी साल हरनाज़ संधू का जन्म हुआ था.

हरनाज़ संधू मिस यूनिवर्स चुने जाने के बाद सीलिएक बीमारी से पीड़ित हो गई थीं और उनका वज़न बढ़ गया था.

हरनाज़ मिस यूनिवर्स के मंच पर आते हुए भावुक भी हो गई थीं.

- बीबीसी हिन्दी

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