स्टेट प्रोजेक्ट मेनेजमेंट यूनिट गठित, डीबीटी योजनाओं पर करेगी काम

News from Bhopal, Madhya Pradesh News, Heritage, Culture, Farmers, Community News, Awareness, Charity, Climate change, Welfare, NGO, Startup, Economy, Finance, Business summit, Investments, News photo, Breaking news, Exclusive image, Latest update, Coverage, Event highlight, Politics, Election, Politician, Campaign, Government, prativad news photo, top news photo, प्रतिवाद, समाचार, हिन्दी समाचार, फोटो समाचार, फोटो
Place: भोपाल                                                👤By: वेब डेस्क                                                                Views: 17620

भोपाल 1 अक्टूबर 2016, मप्र सरकार ने भी केंद्र सरकार के पब्लिक फाईनांस मेनेजमेंट सिस्टम यानी पीएफएमएस की तरह स्टेट प्रोजेक्ट मेनेजमेंट यूनिट यानी एसपीएमयू का गठन किया है। अब यह स्टेट यूनिट डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर में योजनाओं को शामिल करने का काम करेगी। डीबीटी में हितग्राही को धनराशि सीधे उसके बैंक खाते में दी जाती है।



केंद्र सरकार ने अपनी योजनाओं की मानीटरिंग हेतु पीएफएमएस का गठन किया हुआ है जिसके अंतर्गत सभी केंद्र प्रवृर्तित योजनाओं एवं केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं की जानकारी को सम्मिलित किया गया है। केंद्र ने मप्र सरकार से भी स्टेट यूनिट गठित करने के निर्देश दिये थे। इस पर मप्र सरकार ने आयुक्त कोष एवं लेखा की अध्यक्षता में एसपीएमयू का गठन किया है जिसमें कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, अजाजजा, राज्य शिक्षा केंद्र, नगरीय विकास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विभागों के वित्तीय सलाहकार सदस्य बनाये गये हैं जबकि अपर संचालक कोष एवं लेखा सदस्य सचिव नियुक्त किये गये हैं।



अब नवगठित उक्त स्टेट यूनिट योजनाओं का क्रियान्वयन करने वाली एजेन्सियों को केंद्र के पीएफएमएस के अंतर्गत पंजीकृत करेगी। सभी संबंधित कार्यालयों में हार्डवेयर, इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध करायेगी। इसके अलावा यह स्टेट यूनिट एक्सपेंडीचर एडवांस टूल्स के उपयोग पर भी निर्णय लेगी जिसके अंतर्गत धनराशि का अग्रिम आहरण कर उसे बैंक अकाउंट में डाला जाता है तथा संबंधित क्रियान्वयन एजेन्सियों को भुगतान मिलता है तथा इसकी भी सतत मानीटरिंग हो सकेगी।



विभागीय अफसरों के अनुसार, योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु यह मानीटरिंग यूनिट गठित की गई है। यह कार्य ट्रेजरी इन्टीग्रेशन कार्ययोजना के तहत किया जा रहा है।





- डॉ नवीन जोशी

Related News

Latest News

Global News