अब श्रवण कुमार की तरह जा सकेंगे तीर्थ दर्शन योजना में

News from Bhopal, Madhya Pradesh News, Heritage, Culture, Farmers, Community News, Awareness, Charity, Climate change, Welfare, NGO, Startup, Economy, Finance, Business summit, Investments, News photo, Breaking news, Exclusive image, Latest update, Coverage, Event highlight, Politics, Election, Politician, Campaign, Government, prativad news photo, top news photo, प्रतिवाद, समाचार, हिन्दी समाचार, फोटो समाचार, फोटो
Place: भोपाल                                                👤By: वेब डेस्क                                                                Views: 17677

3 अक्टूबर 2016, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में अब पैंसठ वर्ष से अधिक आयु वाले वृध्द पति एवं पत्नि अपनी सहायता हेतु एक सहायक को साथ ले जा सकेगे। यह सहायक सगा-संबधी भी हो सकेगा। यह बिलकुल धार्मिक ग्रंथों के श्रवण कुमार की तरह रहेगा जो अपने वृध्द माता-पिता को स्वयं तीर्थ यात्रा कराने निकला था। चार साल बाद शिवराज सरकार ने सहायक न ले जाने संबंधी प्रावधान को खत्म कर दिया है। इससे अब वृध्द दत्पत्तियों को तीर्थ यात्रा के दौरान आवश्यक सहयोग करने वाले एक सहायक को साथ रखने की सहुलियत मिल गई है तथा इस सहायक का यात्रा आदि व्यय भर भी स्वयं सरकार उठायेगी।



उल्लेखनीय है कि प्रदेश में साठ वर्ष से अधिक वृध्द व्यक्तियों को तीर्थ यात्रा कराने के उद्देश्य से 25 जून,2015 को मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना प्रभावशील की गई थी। इस योजना का संचालन राज्य का धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग करता है। योजना के तहत प्रदेश के जिलों से वृध्द लोगों का लाटरी के जरिये चयन किया जाता है। यह प्रावधान पूर्ववत रहेगा कि 65 वर्ष आयु से अधिक एक व्यक्ति अपने साथ एक सहायक को साथ ले जा सकेगा।



विकलांग कर सकेंगे तीर्थ यात्रा :

नये प्रावधान के अनुसार, अब तीर्थ दर्शन योजना के तहत साठ प्रतिशत विकलांग व्यक्ति भी तीर्थ दर्शन योजना के तहत पात्र होगा भले ही उसकी आयु साठ वर्ष से कम क्यों न हो। ऐसा व्यक्ति भी अपने साथ एक सहायक ले जा सकेगा।

विभाग के अनुसार पैंसठ वर्ष से अधिक आयु वाले वृध्द दम्पत्ति साथ-साथ यात्रा करने पर अब एक सहायक ले जा सकेंगे। पहले यह प्रावधान नहीं था। प्रदेश में इन चार सालों में करीब पौने चार लाख व्यक्ति तीर्थ दर्शन योजना का लाभ ले चुके हैं।



- डॉ नवीन जोशी

Related News

Latest News

Global News