
7 अक्टूबर, 2016, शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट ने मध्य प्रदेश में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थायी करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी. प्रदेश के 48 हजार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सरकार के इस फैसले का लाभ मिलेगा. वहीं, सरकार के खजाने पर सालाना 250 करोड़ का बोझ आएगा.
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थायी करने के बारे में पहले भी कैबिनेट में प्रस्ताव लाया गया था. लेकिन, कर्मचारी संगठनों की आपत्ति के बाद इस प्रस्ताव को नामंजूर करने हुए कुछ संशोधनों के साथ दोबारा लाने के लिए वापिस कर दिया था. कैबिनेट ने नए संशोधनों के साथ आए प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी.
दशहरे के पहले लिए गए इस फैसले पर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने खुशी जताते हुए राज्य सरकार और सीएम शिवराज का आभार जताया है.
शिवराज कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले
-रिटायर आईएएस आरके माथुर को संविदा नियुक्ति देने,
-पुलिस विभाग में 6 हजार 250 नये पदों को भरने,
-कुम्हारों के ईट और मिट्टी के बर्तनों को आपदा से हुए नुकसान पर राहत राशि देने,
-ग्वालियर में राजस्व विभाग के कम्पोजिट भवन बनाने,
-निवेश संवर्धन अधिनियम में संशोधन करने,
-नवकरणीय ऊर्जा से बनने वाली बिजली के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजना के लिए वित्तीय राशि देने,
-विधि विभाग में आफिस आटोमेशन परियोजना लागू करने,
-कटनी में कंपोजिट लाजिस्टिक हब बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.