मध्यप्रदेश कांग्रेस आईटी सेल में बगावत का 'वायरस'', 6 पदाधिकारियों ने दिये इस्तीफे

News from Bhopal, Madhya Pradesh News, Heritage, Culture, Farmers, Community News, Awareness, Charity, Climate change, Welfare, NGO, Startup, Economy, Finance, Business summit, Investments, News photo, Breaking news, Exclusive image, Latest update, Coverage, Event highlight, Politics, Election, Politician, Campaign, Government, prativad news photo, top news photo, प्रतिवाद, समाचार, हिन्दी समाचार, फोटो समाचार, फोटो
Place: भोपाल                                                👤By: वेब डेस्क                                                                Views: 17451

मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक और बड़ा असंतोष उभर आया है. प्रदेश कांग्रेस केआईटी सेल के छह पदाधिकारियों ने एकसाथ इस्तीफा दे दिया है.



इस्तीफा देने वालों में आईटी सेल की प्रदेश उपाध्यक्ष करुणा शर्मा और अजय सिंह समेत एक महासचिव और तीन सचिव हैं.



ये सभी नियमित रूप से आईटी सेल के प्रदेश दफ्तर में बैठकर ट्विटर, फेसबुक और वॉट्स एप जैसे सोशल मीडिया पर पार्टी की गतिविधियों को प्रचार-प्रसार करते थे. इन इस्तीफों से सोशल मीडिया सेल पूरी तरह खत्म होने का खतरा हो गया है.



इन छह पदाधिकारियों ने इस्तीफे देते हुए कहा है कि पार्टी में उनकी निष्ठा और योग्यता का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था. सामूहिक इस्तीफ को सीधे-सीधे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव के खिलाफ बगावत माना जा रहा है.



दरअसल, बीते दिनों दिल्ली में आईटी सेल की एक ट्रेनिंग में प्रदेश के पदाधिकारियों को नहीं भेजा गया था. जबकि प्रदेश अध्यक्ष के चहेते नेता भेज दिये गये थे. इस्तीफे को इसी अवहेलना का नतीजा माना जा रहा है...



इन दिनों प्रदेश कांग्रेस में भारी अंतर्कलह चल रही है. सिंधिया के काफिले को कांग्रेस के ही युवा नेताओं ने काले झंडे दिखाये तो गोविंद सिंह ने सिंधिया पर टिप्पणी कर दी.



इसके बाद कांग्रेस के ही सीनियर लीडरों ने गोविंद सिंह को पार्टी से बाहर करने की मांग कर दी.



प्रदेश कार्यसमिति बैठक में दिग्गज लीडरों की गैरमौजूदगी को लेकर पीसीसी चीफ अरुण यादव को ही निशाने पर लिया गया था. अब आईटी सेल के छह इस्तीफों ने कांग्रेस के अंदरखानों में चल रही कलह को उजागर कर दिया है.



उल्लेखनीय है कि आईटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र वाजपेयी ने महीने भर पहले ही अचानक इस्तीफा देकर सनसनी फैला दी थी. उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है, लेकिन तभी से वाजपेयी पार्टी की बैठकों से नदारद हैं.



Related News

Latest News

Global News