
10 अक्टूबर 2016,प्रदेश की शिवराज सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किये गये देशव्यापी स्वच्छता अभियान में सहयोग देते हुये उस कानून को प्रभावशील कर दिया है जिसके तहत बिना शौचालय वाले व्यक्ति को त्रिस्तरीय पंचायतीराज चुनाव लडऩे पर रोक रहेगी।
ज्ञातव्य है कि मप्र विधानसभा के वर्षाकालीन जुलाई सत्र में पंचायत मंत्री गोपल भार्गव ने मप्र पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक पारित करवाया था। अब इस विधेयक को राज्यपाल ने मंजूरी प्रदान कर दी है जिससे पूरे प्रदेश में कानून के रुप में प्रभावशील हो गया है। कानून में नया उपबंध जोड़ा गया है कि वह व्यक्ति पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेगा जिसके आवासीय परिसर में फ्लश शौचालय या जलवाहित शौचालय नहीं है।
इस कानून के उद्देश्यों में कहा गया है कि भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान में स्वच्छता एवं हर घर में शौचालय होना पहली प्राथमिकता है। मप्र पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में यह उपबंध है कि स्वच्छता और सफाई ग्रामसभा के कार्यों में से एक है। इसउपबंध के प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से, पंचायत निर्वाचन में भाग लेने वाले व्यक्तियों के लिये यह नई निर्हरता लागू की गई है। अब प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों एवं उपचुनावों में बिना शौचालय व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पड़ौसी छत्तीसगढ़ राज्य में काफी पहले यह कानून लागू हो गया था और मप्र ने अब जाकर इसे लागू किया है। अब पंचायत चुनाव इसी आधार पर होंगे जिसमें अभ्यर्थी के घर शौचालय होना जरुरी होगा अन्यथा वह निर्हर घोषित हो जायेगा।
- डॉ नवीन जोशी