
17 जून 2024। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार चीन अपने परमाणु हथियारों के जखीरे का तेजी से विस्तार कर रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब नाटो सदस्य देश परमाणु हथियारों को युद्ध के लिए तैयार रखने पर विचार कर रहे हैं।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन का परमाणु भंडार जनवरी 2023 में 410 से बढ़कर जनवरी 2024 में 500 हो गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन शांतिकाल के दौरान भी कम संख्या में मिसाइलों पर परमाणु हथियार तैनात कर सकता है, जो एक नया रुझान है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चीन इसी रफ्तार से परमाणु हथियारों का विकास करता रहा, तो 2027 तक उसके पास 700 से ज्यादा और 2030 के अंत तक 1000 से ज्यादा परमाणु हथियार हो सकते हैं। हालांकि, यह संख्या अभी भी अमेरिका और रूस के भंडारों से काफी कम है।
दूसरी ओर, नाटो देशों के बीच भी परमाणु हथियारों को लेकर हलचल बढ़ रही है। रूस और चीन के बढ़ते परमाणु कार्यक्रमों को देखते हुए नाटो सदस्य देश यह विचार कर रहे हैं कि क्या युद्ध की स्थिति में परमाणु हथियारों को और तेजी से तैनात किया जा सकता है।
यह घटनाक्रम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गया है। परमाणु हथियारों का विस्तार ना सिर्फ वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों को भी कमजोर कर सकता है।