आदिवासी छात्रावासों-आश्रमों में भी भोजन व्यवस्था सेल्फ हेल्प गु्रप को मिलेगी

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Place: भोपाल                                                👤By: वेब डेस्क                                                                Views: 18471

25 अक्टूबर 2016, राज्य के आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित करीब बीस हजार स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था स्वसहायता समूह द्वारा सफलतापूर्वक संचालित होने से अब इसी विभाग के अंतर्गत संचालित करीब डेढ़ हजार आदिवासी छात्रावासों एवं आश्रमों में भी भोजन व्यवस्था स्वसहायता समूह यानी सेल्फ हेल्प ग्रुप को देने की तैयारी की जा रही है।



इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन देने के लिये राज्य सरकार ने स्टेट कोर ग्रुप का गठन किया है। इसमें सीईओ जिला पंचायत होंशगाबाद अभिजीत अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत बैतूल सौरभ सुमन, संयुक्त आयुक्त मध्यान्ह भोजन सुदर्शन सोनी, जिला संयोजक सीहोर अनिल श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त धार ब्रजेश पांडे तथा सीईओ जनपद पंचायत तामिया पुरुषोत्तम राजोरिया सदस्य नियुक्त किये गये हैं।

उक्त कोर ग्रुप द्वारा वर्तमान में स्वसहायता समूहों की मध्यान्ह भोजन एवं पोषणाहार कार्यक्रम में भूमिका तथा इन समूहों के माध्यम से छात्रावासों में मैस संचालन की प्रक्रिया निर्धारण का अध्ययन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जायेगा।



राज्य सरकार ने ऐसा निर्णय लेने के पीछे कारण उल्लेखित किया है कि आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत छात्रावासों/आश्रमों में विद्यार्थियों के लिये भोजन व्यवस्था छात्रावास अधीक्षक के नियंत्रण में रसोईया एवं जलवाहक द्वारा की जाती है लेकिन छात्रावासों में कर्मचारियों के पद रिक्त रहने एवं अन्य कारणों से मैस व्यवस्था प्रभावित होती है।



विभागीय अफसरों के अनुसार, स्कूलों में तो मध्यान्ह भोजन के अंतर्गत सिर्फ एक बार भोजन दिया जाता है और वह भी दो रोटी वाला। लेकिन आदिवासी छात्रावासों एवं आश्रमों में तो तीन टाईम का खाना देना होगा और वह भी पूर्ण। इसलिये इन सभी बातों का अध्ययन कर रिपोर्ट देने के लिये स्टेट कोर ग्रुप बनाया गया।





- डॉ नवीन जोशी

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