
9 नवम्बर 2016, प्रदेश के न्यायालयों में लगने वाली कोर्ट फीस भी अब आनलाईन जमा हो सकेगी। इस संबंध में राज्य के विधि एवं विधाई कार्य विभाग ने मप्र उच्च न्यायालय की सहमति से नया प्रावधान कर दिया है।
नये प्रावधान के तहत यह न्यायालय फीस वाणिज्यिक कर विभाग के पंजीयन कार्यालय के तहत बने इलेक्ट्रानिक स्टांपिंग पध्दति "संपदा" के माध्यम से ई-स्टाम्पिंग के द्वारा या वित्त विभाग तथा उच्च न्यायालय या जिला न्यायालय के एकीकृत साफ्टवेयर के माध्यम से साइबर कोषालय में जमा की जा सकेगी। अब न्यायालय फीस जमा करने का यह पूरा कार्य इलेक्ट्रानिक पध्दति से होगा।
विधि विभाग ने इस प्रावधान को अमल में लाने के लिये केंद्र सरकार के सौ साल से भी पुराने न्यायालय फीस अधिनियम 1870 की धारा 26 के तहत मिली शक्तियों को उपयोग किया है। साथ ही केंद्र सरकार के भारतीय स्टांप अधिनियम 1899 एवं सूचना प्रौद्योगिक अधिनियम 2000 के तहत परिभाषित इलेक्ट्रानिक पध्दति को स्वीकार किये जाने का उपबंध किया है।
- डॉ नवीन जोशी