
3 जून 2017, राजधानी भोपाल में किसान हड़ताल का असर अब साफ तौर से दिखने लगा है। मंडी में अन्य दिनों की अपेक्षा आज सब्जियों की आवक कम आने से इसका सीधा असर ये रहा कि उनके दाम दो गुने हो गए। हड़ताल का फायदा उठाते हुए सब्जी ठेले वालों ने मनमानी तौर पर उपभोक्ताओं से सब्जियों के दाम ऐंठने में कामयाब रहे। हालांकि करोंद मंडी के एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि मंडी में रोज की तरह शनिवार को भी सब्जी, फल और अनाज की आवक हुई है। आवक में किसी प्रकार की कमी नहीं हुई, लेकिन जानकारों का मानना है कि किसानों के हड़ताल का सीधा असर अब जिले में पडऩे लगा है। यही स्थिति रही तो दिन प्रति दिन जहां सब्जियों के दामों में कई गुना वृद्धि होगी, बल्कि अनाज की भी आवक कम हो जाएगी।
कर्जमाफी सहित विभिन्न मांगों को लेकर चल रही किसानों की हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। राजधानी में इस हड़ताल का कोई खास असर नहीं दिखाई दिया। आज मंडी में रोज की अपेक्षा 1 हजार क्विंटल आवक बढ़ी है। हालांकि इस मामले में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महामंत्री अनिल यादव का कहना है कि हमारा संगठन अभी तक करोंद जैसी मंडियों में कोई दखलंदाजी नहीं किया है। यदि वहां पर संगठन की दखलंदाजी बढ़ेगी तो निश्चित रूप से इसका असर दिखने लगेगा। जहां तक सब्जी आदि का सवाल है, आज मंडी में कम आवक होने के नाते इसके दाम धीरे-धीरे आसमान छू रहे है। इधर, दूध सप्लाई पर भी हड़ताल का असर हुआ है। भोपाल दुग्ध संघ में दूध नहीं पहुंच पाया है। नतीजतन रविवार को उपभोक्ताओं को दूध की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
आंदोलन को खराब कर रहे दो संगठन
यूनियन के महामंत्री अनिल यादव ने कहा कि हमारे साथ शुरूआती दौर में दो अन्य किसान संगठनों ने आने से साफ तौर पर मना कर दिया था, लेकिन जब यह देखा कि किसानों की भीड़ बढ़ती जा रही है तो आनन-फानन में किसानों के समर्थन में आज वे अपनी आवाज बुलंद कर उनका समर्थन कर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में दोनों संगठन हमारे आंदोलन को खराब करने पर तुले हुए हैं।
मांगे नहीं मानी तो होंगे उग्र आंदोलन
ज्ञात हो कि भारतीय किसान यूनियन के आव्हान पर राजधानी सहित प्रदेश भर के किसान हड़ताल पर हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रांतीय महामंत्री अनिल यादव ने बताया कि 11 जून तक यदि हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 12 जून स किसान उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।