
🚨 अनियमितताओं का खुलासा, SIT गठित, कोषागार विभाग भी जांच के घेरे में
4 अप्रैल 2025। पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने मेडिकल बिल प्रतिपूर्ति घोटाले में अनियमितताओं के चलते 60 पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के बाद यह घोटाला 4 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है।
🚨 घोटाले का खुलासा और प्रारंभिक कार्रवाई
जनवरी 2024 में पुलिस मुख्यालय के लेखा विभाग ने पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए मेडिकल बिल दावों में गड़बड़ियों का खुलासा किया था। आंतरिक जांच के बाद तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया और एक पांच सदस्यीय एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित की गई।
जांच में पाया गया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने तीन से अधिक बार मेडिकल बिल जमा कर प्रतिपूर्ति प्राप्त की। PHQ ने इन पुलिसकर्मियों को नोटिस भेजकर अप्रैल के पहले सप्ताह तक जवाब देने को कहा है।
🚨 स्वास्थ्य प्रमाण पत्रों की जांच
PHQ ने जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर 75 पुलिसकर्मियों को जारी किए गए स्वास्थ्य प्रमाण पत्रों के सत्यापन का अनुरोध किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि –
प्रमाण पत्र कहां से जारी हुए?
क्या इन्हें प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार का कमीशन दिया गया?
कितने प्रमाण पत्र वास्तविक हैं और कितने फर्जी?
🚨 वित्तीय अनियमितता और संभावित कार्रवाई
डीआईजी (लेखा) संतोष सिंह गौर ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों ने गलत तरीके से मेडिकल बिल की प्रतिपूर्ति ली है, उन्हें राशि वापस करनी होगी। यदि वे ऐसा करने में असफल रहते हैं, तो उनके वेतन से कटौती की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
🚨 कोषागार विभाग भी जांच के घेरे में
PHQ अधिकारियों ने कोषागार विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। जांच में सामने आया कि मामूली संशोधनों (जैसे फ़ॉन्ट बदलकर या अन्य छोटे बदलाव करके) कई बिलों को मंजूरी दी गई।
कुछ पुलिसकर्मियों ने महज 15 मिनट के अंतराल में दो बार एक ही बिल जमा कर प्रतिपूर्ति प्राप्त कर ली। इन अनियमितताओं को देखते हुए अब कोषागार कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
PHQ की इस सख्त कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।