गैमन इंडिया का प्रोजेक्ट फिर फंसा विवादों में, रेरा से की कार्रवाई की मांग

News from Bhopal, Madhya Pradesh News, Heritage, Culture, Farmers, Community News, Awareness, Charity, Climate change, Welfare, NGO, Startup, Economy, Finance, Business summit, Investments, News photo, Breaking news, Exclusive image, Latest update, Coverage, Event highlight, Politics, Election, Politician, Campaign, Government, prativad news photo, top news photo, प्रतिवाद, समाचार, हिन्दी समाचार, फोटो समाचार, फोटो
Place: Bhopal                                                👤By: DD                                                                Views: 18982

90 प्रतिशत जमा करा ली राशि, फिर भी नहीं मिला फ्लैट का पजेशन

सृष्टि सीबीडी कर रहा धोखाधड़ी, चंदना अरोरा ने लगाए आरोप



12 जुलाई 2017। राजधानी भोपाल के न्यू मार्केट स्थित गैमन इंडिया के सृष्टि सीबीडी आवासीय परिसर में प्रोजेक्ट का कार्य चल रहे हैं। इस परिसर में फ्लैट क्रं. ए-1503 को चंदना अरोरा ने बुक कराई थी। उन्होंने रियल स्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में कंपनी के मैनेजमेंट व प्रमोटर रमेश शाह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए यह मांग की है कि वे कंपनी पर कार्रवाई करते हुए यह तय करें कि उन्हें फ्लैट कब मिलेगा। लेकिन इसकी समय-सीमा तय होनी चाहिए। उसके आधार पर बैंक से लिए गए लोन व वर्तमान में जिस मकान का किराया दिया जा रहा है। यह राशि मय ब्याज के दिलवाई जाए।



उन्होंने यह मांग की है कि कंपनी या बिल्डर पर फ्लैट का सेल एग्रीमेंट न करने के कारण पेनाल्टी भी लगाई जाए। चंदना अरोरा ने बताया कि उन्होंने फ्लैट की 90 फीसदी राशि जमा कराने के बाद भी उन्हें अब तक पजेशन ही नहीं मिल सका। जबकि एग्रीमेंट के अनुसार फृलैट की कीमत 80,62,604 रुपए थी। कुल कीमत की 80 फीसदी राशि 2014 मे ही बुकिंग के समय जमा करा ली गई थी। वर्ष 2014 में कंपनी की मार्केटिंग टीम ने कहा था कि डेढ़ वर्ष में फ्लैट दे दिया जाएगा। अक्टूबर 2015 में कंपनी द्वारा 90 फीसदी राशि जमा करा ली गई। ऐसे में 7 वर्ष बीतने के बाद भी प्रमोटर रमेश शाह द्वारा फ्लैट का पजेशन नहीं दिया गया, जबकि टेण्डर शर्त के अनुसार 2015 के अंत में या 2016 के बीच में फ्लैट का कब्जा दिया जाना चाहिए था। अब कंपनी द्वारा धोखाधड़ी की जा रही है। गैमन इंडिया प्रोजेक्ट की जांच पड़ताल में यह भी सामने आया है कि रेरा 2016 में लागू हो चुका है। इसके बावजूद भी सृष्टि सीबीडी आवासीय परिसर और उनके अन्य प्रोजेक्ट इसमें रजिस्टर्ड ही नहीं है।

Related News

Global News