
20 जुलाई 2017। "सतर्कता विभाग का प्रमुख कार्य संस्थान की प्रतिष्ठा और साख को बनाए रखते हुए संस्थान की प्रगति के लिए कार्य करना है" अनिल कुमार, आईपीएस, महानिदेशक (पुलिस), लोकायुक्त मध्यप्रदेश ने बीएचईएल भोपाल में आयोजित अखिल भारतीय सतर्कता अधिकारी सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किया। इस अवसर पर आलोक रंजन, आईपीएस, मुख्य सतर्कता अधिकारी, बीएचईएल, डी.के. ठाकुर, कार्यपालक निदेशक, बीएचईएल, अश्विन कुमार, महाप्रबंधक (कॉर्पोरेट सतर्कता कार्यालय), गणेशन, महाप्रबंधक (विजिलेंस विभाग- त्रिची), हरीश कुमार, अपर महाप्रबंधक (कॉर्पोरेट विजिलेंस), अमित शर्मा, अपर महाप्रबंधक (विजिलेंस, भोपाल) तथा अन्य यूनिटों के सतर्कता अधिकारी उपस्थित थे।
श्री कुमार ने इस अवसर पर सतर्कता विभाग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस विभाग के अधिकारियों को काफी समझ-बूझ और होशियारी से कार्य करना है। यह अपने साथियों के बीच से चुने गये अधिकारी होते हैं और इस विभाग में कार्य अवधि की समाप्ति के बाद पुन: अपने मूल विभाग में अपने साथियों के बीच कार्य करते हैं। उन्होंने सतर्कता को एक फेसिलिटेटर के रूप में कार्य करते हुए कर्मचारियों को संस्थान की संस्कृति तथा अन्य नीतियों से परिचित कराने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि अपने कर्तव्य का पालन करते हुए भावनाओं पर नियंत्रण रखें।
श्री रंजन ने बीएचईएल तथा अन्य सरकारी संस्थानों में सतर्कता विभाग द्वारा किये जाने वाले कार्यों की जानकारी दी और कहा कि सतर्कता विभाग का कार्य सिर्फ भ्रष्टाचार उन्मूलन ही नही है। हमें यह भी प्रयास करना है कि कर्मचारी निष्ठा से कार्य करें और कम्पनी की प्रगति में सहायक बनें।
प्रारम्भ में श्री ठाकुर ने भेल भोपाल में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यहां के सभी कर्मचारी पूर्ण निष्ठा के साथ अपने कार्य के प्रति समर्पित हैं। सतर्कता विभाग द्वारा लोगों को नियमों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
इस कार्यशाला में सीबीआई अकादमी, गाजियाबाद से पधारे जे.एस.ईमानुऐल ने विभिन्न नियमों तथा कई केसों का हवाला देते हुए प्रतिभागियों का मार्ग-दर्शन किया।