
1000 से ज्यादा आर्गन ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट का जमावड़ा होगा इंदौर में
भोपाल के 100 से अधिक डॉक्टर भी भाग लेंगे
भोपाल 7 अक्टुबर 2017। इंडियन सोसाइटी ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट की नेशनल कॉन्फ्रेंस ISOT 2017 13 से 15 अक्टूबर तक इंदौर में आयोजित की जा रही है। 3 दिनों तक चलने वाली इस कांफ्रेंस में देश विदेश के एक हजार से ज्यादा आर्गन ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट और 475 फेकल्टीज शामिल होंगे। आर्गन ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट की यह सेंट्रल इंडिया की अब तक की सबसे बड़ी कॉन्फ्रेंस है। विदेश से भी 13 एक्सपर्ट भाग लेने आ रहे है। इस कांफ्रेंस में भोपाल के भी 100 से अधिक डॉक्टर भाग लेगें।
उपरोक्त जानकारी देते हुए इंडियन सोसाइटी ऑफ आर्गन ट्रांसप्लांट की गवर्निंग बॉडी के वाइस प्रेसिडेंट और ISOT 2017 के ऑर्गनाइजिं्रग सेक्रेटरी डॉ. संदीप सक्सेना, कार्डिक सर्जन डॉ आनंद यादव, डॉ. संदेश शर्मा, डॉ. आनंद काले, डॉ. अर्नित अरोरा व प्रोफेसर रीनी मलिक ने बताया कि इस कांफ्रेंस का आयोजन भोपाल के एसोसिएशंस ऑफ नेफ्रोलाजिस्ट, युरोलाजिस्ट, कार्डियोलाजिस्ट, पेेथालाजिस्ट आदि की सहभागिता से किया जा रहा है। इसका मकसद ऑर्गन ट्रांसप्लांट की अत्याधुनिक तकनीकों से चिकित्सकों को रूबरू कराना है। कॉन्फ्रेंस का आयोजन ब्रिलियंट कन्वेंशन कन्वेंशन सेंटर में 13 अक्टूबर से किया जा रहा है। इस कांफ्रेंस मे भोपाल के साथ ही मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता जैसे बड़े शहरों के आर्गन ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट के साथ ही इंग्लैंड, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और सिंगापुर से भी एक्सपर्ट आ रहे हैं। कॉन्फ्रेंस में किडनी, हार्ट, लंग, लीवर, पैंक्रियास, यूटरस ट्रांसप्लांट के साथ ही हैंड सर्जरी, कॉस्मेटिक सर्जरी, ट्रांसप्लांट इन्फेक्शन जैसे मुद्दों पर नामी चिकित्सक अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके साथ ही करीब 300 शोध पत्र यहां पढ़े जाएंगे। कॉन्फ्रेंस में चिकित्सकों के साथ ही ट्रांसप्लांट में होने वाली जांचों के पैथोलॉजिस्ट, इमनुलोजिस्ट, तथा कॉर्डिनेटर्स भी शामिल होंगे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में मेडिकल के स्टूडेंट की इस कांफ्रेंस में भाग लेंगे और चित्र प्रदर्शनी लगाएंगे। कांफ्रेंस के 1 दिन पहले 12 अक्टूबर को प्री कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। इस वर्कशॉप में इमीनुलोजी और ऑर्गन रेट्रीवल पर बात होगी।
डॉ संदीप सक्सेना ने बताया कि कांफ्रेंस में प्रदेश के चिकित्सक नेशनल और इंटरनेशनल फेकल्टीज से रुबरु होकर उनके अनुभव का लाभ ले सकेंगे। वर्तमान में मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, और जबलपुर शहरों में अंग प्रत्यारोपण केवल 10- 15 ही हो रहे हैै। जबकि 65 से 70 मामलों में परिजन प्रदेश के बाहर जा रहे है। प्रदेश में यही सुविधा बढने से प्रत्यारोपण में लगने वाला खर्च काफी कम हो जाएगा। देश एवं मप्र में अंग दान को लेकर अभी बहुत जागरूकता की जरुरत है। इस कांफ्रेंस के माध्यम से अंग दान को लेकर भी जागरूकता फैलाने को लेकर प्रयास किये जायेगें। आयोजन मध्यप्रदेश में होने से आने वाले समय में अंग प्रत्यारोपण का केंद्र बनने मे बड़ी मद्द मिलेगी।