दसवीं इंटरनेशनल ईको कोर्स एण्ड वर्कशाप में जुटेंगे देश-विदेश के हृदय रोग विशेषज्ञ

News from Bhopal, Madhya Pradesh News, Heritage, Culture, Farmers, Community News, Awareness, Charity, Climate change, Welfare, NGO, Startup, Economy, Finance, Business summit, Investments, News photo, Breaking news, Exclusive image, Latest update, Coverage, Event highlight, Politics, Election, Politician, Campaign, Government, prativad news photo, top news photo, प्रतिवाद, समाचार, हिन्दी समाचार, फोटो समाचार, फोटो
Place: Bhopal                                                👤By: PDD                                                                Views: 1693

साइंटिफिक सेशन, पैनल डिस्कशन व लाइव डिमांस्ट्रेशन के जरिये विशेषज्ञ साझा करेंगे अपने अनुभव

देश-विदेश के 100 से अधिक हृदय रोग विशेषज्ञज्ञ जुटेंगे इस वर्कशाप में

होटल कोर्टयार्ड मैरियट, भोपाल में होगा एक दिवसीय आयोजन



7 सितम्बर, 2018। दसवीं इंटरनेशनल ईको कोर्स एण्ड वर्कशाप इस वर्ष 9 सितम्बर को होटल कोर्टयार्ड मैरियट, भोपाल में आयोजित की जाएगी। अमेरिका के बर्मिंघम से आ रहे ख्यातिनाम हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. नवीन सी नंदा की अध्यक्षता में होने वाली इस एक दिवसीय वर्कशाप में देश के विभिन्न शहरों से आ रहे चिकित्सक साइंटिफिक सेशन, पैनल डिस्कशन व लाइव डिमांस्ट्रेशन के जरिये अपने अनुभव साझा करेंगे। जिन प्रमुख विशेषज्ञों के उद्बोधन इस वर्कशाप में होगे उनमें दिल्ली से डाॅ. अनिता सक्सेना, बैंगलूरू से डाॅ. एस.सी. गोविन्द तथा गुरूग्राम के डाॅ. विनायक अग्रवाल आदि शामिल हैं।



उक्त आशय की जानकारी आज आयोजित एक पत्रकार वार्ता में आयोजन समिति के अध्यक्ष डाॅ. पीसी मानोरिया ने दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल सोसायटी आॅफ कार्डियोवस्कुलर अल्ट्रासाउंड के साथ मिलकर आयोजित इस वर्कशाप में हृदय रोगों का पता लगाने की सबसे महत्वपूर्ण व आवश्यक जांच ईकोकार्डियोग्राफी या ईकोकार्डियोग्राम के बारे में नवीनतम जानकारी दी जाएगी। साथ ही इस दौरान 50 मरीजों पर लाइव डिमांस्ट्रेशन दिया जायेगा।



आयोजन समिति के सचिव व हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. पंकज मानोरिया ने बताया कि अत्याधुनिक मशीन से होने वाली इस अल्ट्रासाउंड जांच से किसी भी व्यक्ति के हार्ट वाल्व तथा चैम्बर की तस्वीरें लेकर हृदय की असामान्यताओं व इसमें होने वाले रोग की स्थिति का पता लगाया जाता है। यह जांच जितनी सटीक होती है उतने ही अच्छे उपचार के परिणाम देखने में आते हैं।



Related News

Global News