
सितम्बर 19, 2016। मध्यप्रदेश में कुपोषण के बढ़ते प्रभाव और श्योपुर जिले में इससे 12 बच्चों की मौत पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और अन्य नेता 'मौन सत्यागृह' धरना दे रहे हैं. धरने में कुपोषण से पीड़ित बच्चे और उनके माता-पिता भी शामिल हुए.
बताया जा रहा है कि इस दौरान विपक्षी कांग्रेस सरकार के श्वेतपत्र के जवाब में 'काला-चिट्ठा' उजागर करेगी. वहीं कांग्रेस का कहना है कि पार्टी खुद अब कुपोषित बच्चों का इलाज कराएगी.
गौरतलब है कि एक दिन पहले दिए गए बयान में यादव ने कहा था कि प्रदेश में सरकार द्वारा हर साल 22 अरब रुपये खर्च करने के बाद भी कुपोषण का खात्मा नहीं हो पा रहा है. हालात ये हैं कि हर साल पीड़ित बच्चों की मौत का आंकड़ा भी निरंतर बढ़ता जा रहा है.
कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि हाल ही में श्योपुर जिले में डेढ़ दर्जन से अधिक कुपोषित बच्चों की हुई असमय मौत से अधिकारियों की घोर लापरवाही और राज्य सरकार की असफलता तो उजागर हुई ही है, साथ ही में प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार के कीर्तिमानों की कलाई खोल दी है.
पार्टी के संगठन प्रभारी महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि राज्य सरकार कुपोषण पीड़ित बच्चों की मौतों को गंभीरता से नहीं ले रही है. यही कारण है कि उसके द्वारा शिशु व मातृ मृत्युदर के मामले में श्वेतपत्र जारी किए जाने का राजनीतिक 'जुमला' फेंका जा रहा है. कांग्रेस इस श्वेतपत्र के जवाब में सरकार के खिलाफ 'काला-चिट्ठा' उजागर कर रही है.