
20 नवंबर 2023। भोपाल के सबसे पुराने थिएटर समूहों में से एक, कारवां ने सत्यजीत रे की कहानी असमंजस बाबू पर आधारित नाटक का मंचन किया।
नाटक में थिएटर अभिनेता उबैद उल्लाह खान ने नायक असमंजस बाबू की भूमिका निभाई।
नाटक में सर्वेश्वर दयाल सक्सेना और अमृता प्रीतम की कविताओं का उपयोग किया गया।
नाटक की कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो शादी करने या कुंवारे रहने की दुविधा में है।
कहानी में एक मोड़ तब आता है जब एक बच्चा असमंजस बाबू को कुत्ता बेच देता है।
कुत्ता चार्ली चैपलिन की फिल्म देखते समय हंसने लगता है, जिससे असमंजस बाबू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो जाते हैं।
भोपाल के शहीद भवन में रविवार को सत्यजीत रे की कहानी असमंजस बाबू पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन नज़ीर क़ुरैशी ने किया, और अख्तर अली ने इसे अनुकूलित किया।
नाटक में थिएटर अभिनेता उबैद उल्लाह खान ने नायक असमंजस बाबू की भूमिका निभाई। असमंजस बाबू एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो शादी करने या कुंवारे रहने की दुविधा में है। वह हर काम के लिए सोचता है कि उसे यह काम करना चाहिए या नहीं। इस असमंजस की पराकाष्ठा यह होती है कि उसके मन में यह प्रश्न उठता है कि विवाह करें या कुंवारा ही रहें।
कहानी में एक मोड़ तब आता है जब एक बच्चा असमंजस बाबू को कुत्ता बेच देता है। असमंजस बाबू को कुत्ते से प्यार हो जाता है। अचानक एक दिन चार्ली चैपलिन की फिल्म देखते समय कुत्ता भी हंसने लगता है। कुत्ते की इस हरकत से हैरान असमंजस बाबू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो जाते हैं।
नाटक में सर्वेश्वर दयाल सक्सेना और अमृता प्रीतम की कविताओं का उपयोग किया गया। इन कविताओं ने नाटक को और अधिक आकर्षक बना दिया।
नाटक की प्रशंसा करते हुए, एक दर्शक ने कहा, "नाटक बहुत ही मनोरंजक और विचारोत्तेजक था। यह एक ऐसी कहानी है जो आज भी प्रासंगिक है।"
एक अन्य दर्शक ने कहा, "असमंजस बाबू के चरित्र को उबैद उल्लाह खान ने बहुत ही जीवंत तरीके से निभाया।"
नाटक का मंचन भोपाल में एक सार्थक प्रयास था। यह एक ऐसी कहानी है जो समाज की बुराइयों की आलोचना करती है और लोगों को सोचने पर मजबूर करती है।