
26 नवंबर 2023। भोपाल की एक अदालत ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के लिए डॉव केमिकल पर मुकदमा चलाने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई 6 जनवरी के लिए स्थगित कर दी है।
यह सुनवाई सीबीआई सहित विभिन्न याचिकाओं पर हो रही है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि डॉव केमिकल यूनियन कार्बाइड का मालिक है, जिसकी भोपाल स्थित सुविधा से 2 और 3 दिसंबर, 1984 की मध्यरात्रि को जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था। इस रिसाव से 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 1.02 लाख अन्य प्रभावित हुए।
डॉव केमिकल का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने कहा कि मामला भोपाल अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, क्योंकि कंपनी अंतरराष्ट्रीय कानून द्वारा शासित है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अधिकार क्षेत्र का मुद्दा अभी भी उच्च न्यायालय में लंबित है।
अदालत ने अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाने का फैसला किया है।
क्या है भोपाल गैस त्रासदी?
2 और 3 दिसंबर, 1984 की मध्यरात्रि को यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था। यह रिसाव भोपाल शहर के निवासियों के लिए एक भयावह आपदा थी। इस रिसाव से 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 1.02 लाख अन्य प्रभावित हुए।
इस त्रासदी को दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदाओं में से एक माना जाता है। इस आपदा के बाद, यूनियन कार्बाइड ने भारत से अपना कारोबार बेच दिया और डॉव केमिकल को बेच दिया।