
बाल साहित्य, साहित्यिक ओपन माइक, चिलमन मुशायरा शायरात पर सेमिनार आयोजित
18 फरवरी 2024। 'रक्स-ए-सूफियाना' के तहत शनिवार शाम शहर के गौहर महल में लखनऊ की कथक प्रतिपादक रानी खानम और उनकी मंडली की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।
खानम कथक के लखनऊ घराने की सबसे संवेदनशील और चतुर व्याख्याकारों में से एक हैं और वह पिछले 30 वर्षों से पेशेवर रूप से प्रदर्शन कर रही हैं। वह अपने नृत्य में भक्ति और समर्पण की एक दुर्लभ भावना लाती है, जो दर्शकों को आध्यात्मिक संतुष्टि की भावना से भर देती है।
उन्होंने 'ये नया भारत का चेहरा है...', 'मेरा भारत अनोखा देश...' और 'मेरे मुर्शिद खेले होली...' आदि गानों पर नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों की खूब तालियां मिलीं।
यह साहित्य में औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति पर आधारित मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'जश्न-ए-उर्दू' के दूसरे दिन का हिस्सा था।
कथक के अलावा उर्दू शायरी की लयबद्ध प्रस्तुतियाँ, बाल साहित्य पर सेमिनार, साहित्यिक ओपन माइक और चिलमन मुशायरा शायरात का आयोजन किया गया। शुभम एसडी एवं आर वेद पंड्या ने उर्दू शायरी की लयबद्ध प्रस्तुति दी। लेखक मोहसिन खान (लखनऊ), महेश सक्सेना (भोपाल) और आसिफ सईद (सिरोंज) ने बाल साहित्य पर बात की।
सबिहा सदफ (रायसेन), परवीन कैफ (भोपाल), मोनिका सिंह (पुणे), रेनू नैय्यर (जालंधर), कमर सुरूर (अहमदनगर) और अंबर आबिद (भोपाल) सहित कवियों ने चिलमन मुशायरा शायरी के तहत अपनी रचनाएँ सुनाईं।