गौहर महल में बाग उत्सव 23 फ़रवरी से 3 मार्च तक

News from Bhopal, Madhya Pradesh News, Heritage, Culture, Farmers, Community News, Awareness, Charity, Climate change, Welfare, NGO, Startup, Economy, Finance, Business summit, Investments, News photo, Breaking news, Exclusive image, Latest update, Coverage, Event highlight, Politics, Election, Politician, Campaign, Government, prativad news photo, top news photo, प्रतिवाद, समाचार, हिन्दी समाचार, फोटो समाचार, फोटो
Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 971

25 हजार से ज्यादा परिधानों का नायाब कलेक्शन
"बाग प्रिन्ट" के जनक स्व. इसमाईल खत्री की याद में हो रहा है आयोजन
बाग प्रिन्ट के मास्टर शिल्पकार नेशनल अवार्डी उमर फारूक खत्री द्वारा निर्मित बाग प्रिंट वस्त्र विशेष आकर्षण

स्थान​: ​गौहर महल, भोपाल, प्रतिदिन दोपहर 12 से रात्रि 10 बजे तक
"बाग प्रिन्ट" के जनक स्व. इसमाईल खत्री की याद में विशेष बाग उत्सव का आयोजन 23 फरवरी से 03 मार्च तक गौहर महल भोपाल में किया जा रहा है। हजारों वर्षो से पीढ़ी दर पीढ़ी बाग प्रिंट कला को सहेज के रखने वाले असली बाग प्रिंट कला के मास्टर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पकार उमर फारूक खत्री द्वारा निर्मित बाग प्रिंट वस्त्र बाग उत्सव-2024 का मुख्य आकर्षण हैं। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन दोपहर 12 से रात्रि 10 बजे तक खुली रहेगी।

बाग प्रदर्शनी में स्व. इसमाईल खत्री के पुत्र मोहम्मद उमर फारूक खत्री कॉटन ड्रेस मटेरियल, कॉटन 3 पीस सूट, महेश्वरी, सिल्क आदि का खजाना लेकर आए हैं। प्रदर्शनी में उपलब्ध तमाम मटेरियल्स बाग प्रिंटेड है।

बाग उत्सव में हर्बल कलर का उपयोग
​इस बार बाग उत्सव में खास हर्बल कलर का उपयोग किया गया है। जिसमें अनार के छिलके, हल्दी, इंडिगो की पत्ती और कई प्रकार के पेड़-पौधो व फूलों से निर्मित रंगो का इस्तेमाल कर कपड़े को एक अनोखा रूप प्रदान किया गया है। हर्बल कलर त्वचा के लिए बेहद लाभदायक होता है जिससे त्वचा के कई रोग में फायदा होता है।

बाग उत्सव में इस बार क्या है खास
इस बार बाग उत्सव में स्ट्राईप प्रिन्ट की विशाल श्रंखला लाई गई है। स्ट्राईप प्रिन्ट बहुत जटिल कार्य हैं। फारूक खत्री बताते हैं कि बाग प्रिन्ट के शिल्पकार के लिए यह आसान नही होता है। यह हमारा पुश्तैनी काम हैं और इस काम की बारीकियां हमने पिता स्वर्गीय इस्माईल खत्री जी से सीखी हैं।

"गद" प्रिन्ट भी है खास
गद प्रिन्ट के लिए विशेष प्रकार का ब्लाक इस्तेमाल किया जाता हैं। ब्लाक के खाली स्थान में भेड़ के ऊन से बना एक मोटा कपड़ा जिसे नमदा बोला जाता हैं। नमदा को ब्लाक में फिल किया जाता हैं, उसके बाद उस ब्लाक से छपाई की जाती है। गद प्रिन्ट को देश और विदेश में बहुत पसन्द किया जाता है।

फाइन आर्ट्स छात्रों के लिए प्रतिदिन "बाग प्रिन्ट" का डेमोंस्ट्रेशन
प्रतिदिन गोहर महल में सिटी के फाइन आर्ट्स स्टूडेन्ट्स के लिये डेमोंस्ट्रेशन रखा गया है। इसमें बाग प्रिन्ट बनाने संबधी महीन पहलुओं पर फोकस किया जायेगा।

ड्रेस मटेरियल्स में स्ट्राइप, बुटी, पट्टे, जाल, ट्रिपल, प्रिंटिंग शामिल
बाग उत्सव में 15 हजार मीटर से अधिक कॉटन ड्रेस मटेरियल्स उपलब्ध है। फारूक खत्री द्वारा बेहतरीन डिज़ाइन किए गये ड्रेस मटेरियल्स में स्ट्राइप, बुटी, पट्टे, जाल, ट्रिपल, प्रिंटिंग शामिल है। बाग प्रिंट में इन्डीगो ब्ल्यु, ग्रीन, पिंक, पीला, लाल, काला ड्रेस मटेरियल्स व सूट खास है। प्रत्येक सूट मे औसतन 10 से 12 डिज़ाइन बनाए गए हैं। इनमें सबसे खास है 1 हज़ार साल पुराने डिजाइनों से बने- केरी, डाकमांडवा, जुवारिया, एवं चोकड़े आदि।

सूट में एक्स्ट्रा वर्क
सूट में एक्स्ट्रा वर्क किया गया है। उमर फारूक द्वारा सूट के कुर्तो को नये अन्दाज मे डिज़ाइन किया गया है। दुपट्टो मे फोर साइड बार्डर व फोर साइड बुटे वाले दुपट्टो में एक्स्ट्रा वर्क देखा जा सकता है। यहाँ उपलब्ध ड्रेस मटेरियल में कॉटन सिल्क, महेश्वरी के सूट, जरी बार्डर, कॉटन की साड़ियाँ, चादरे, पुरानी डिजाइन व नेचुरल कलर्स मे उपलब्ध है।

ड्रेस मटेरियल विभिन्न प्रकार के कपड़ों में उपलब्ध
इस बार कई प्रकार का ड्रेस मटेरियल लाया गया हैं जिसमे काथा कॉटन जो कि बहुत ही सुन्दर धारी वाला कपड़ा है। साथ में रेयोन, ग्लेस काटॅन, मोडाल, मसरू, मोडाल साटीन का फैब्रिक लाया गया है। बाग उत्सव में इतने प्रकार के फैब्रिक पर बाग प्रिन्ट का काम पहली बार देखने मिलेगा। 8 तरह के डिफरेंट फैब्रिक गर्मी के सीज़न को ध्यान में रखते हुए विशेष तौर पर भोपाल वासियों के लिए तैयार किया गया है।

ऐसे बनता है "बाग प्रिंट"
ओरिजनल बाग प्रिंट मुख्यतः धार जिले के बाग गांव मे ही बनता है। सबसे पहले कपड़े को पानी मे भिगोया जाता है कपड़े को नरम करने के लिये संचोरा अरण्डी का तेल बकरी की मेंगनी के घोल बनाकर 24 से 48 घण्टे तक रखना होता है, बाद में दो-तीन पानी से धोया जाता है। फिर हरड़ पेस्ट में डुबोया जाता है। सूखने के बाद कपड़ा प्रिंटिंग के लिये तैयार है।

"बाग प्रिन्ट" मे मुख्यतः दो रंग होते है काला रंग लोहे के जंग से और लाल रंग फिटकरी से इन दोनो रंगो से प्रिंटिंग करने के बाद कपडे़ को 10 से 15 दिन बाद इन्हें बाघनी नदी के बहते हुए पानी में ही निखारा जाता है। बाग गाँव की बाघनी नदी की खास बात यह है कि इसके पानी में एसे प्राकृतिक कण पाये जाते है जो रंगो में प्राकृतिक निखार लाते है। स्थिर जल में इसका प्रभाव बहुत ही कम होता है और अन्त मे आल की जड़ और धावड़ी के फुलों के साथ भट्टी की जाती है।

Related News

Latest News

Global News