
17 अक्टूबर 2016, सुरक्षा के लिये डायल हण्ड्रेड वाहन और मनुष्यों की चिकित्सा सेवा हेतु 108 एम्बूलेंस की तर्ज पर मूक पशुओं के उपचार हेतु 109 संजीवनी वाहन सेवा उपलब्ध कराने की
तैयारी में जुटा राज्य का पशुपालन विभाग इसके लिये काल सेंटर स्थापित करने के प्रयास में है।
यह नवीन सेवा 1 जनवरी, 2017 से प्रारंभ की जाना है। पहले चरण में इसे कुछ विकासखण्डों में प्रारंभ किया जायेगा। इस सेवा को शुरु करने में विभाग कई व्यावहारिक
अड़चनों से गुजर रहा है। दरअसल यह संजीवनी वाहन सिर्फ बीमार पशु के पास पहुंचकर उसका इलाज कर सकेगा लेकिन उसे ढोकर अस्पताल नहीं लने जा सकेगा, क्योंकि
गौवंशीय पशु भारी भरकम होते हैं जिससे उनका परिवहन संभव नहीं होता है। इसी कारण से सीएम हेल्प लाईन की तर्ज पर काल सेंटर स्थापित करने की जुगत की जा रही
है। इस काल सेंटर पर पशु स्वामी अपने बीमार पशु इलाज हेतु सूचना दे सकेगा तथा 109 संजीवनी वाहन वहां पहुंचकर उसका इलाज करेगा। बाद में सीएम हेल्प लाईन की
तरह इस काल सेंटर से दोबारा काल करके संबंधित पशु स्वामी से पूछा जा सकेगा कि उसे संजीवनी सेवा का लाभ मिला कि नहीं।
विभाग के अफसरों का कहना है कि मूक पशुओं के इलाज हेतु संजीवनी सेवा 109 प्रारंभ करने की तैयारी चल रही है। हितग्राही को इसका फायदा मिला कि नहीं इसके लिये
सीएम हेल्प लाईन की तर्ज पर काल सेंटर बनाया जायेगा।
- डॉ नवीन जोशी