
12 सितंबर 2024। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल साइबर अपराधियों का नया अड्डा बनता जा रहा है। स्टॉक मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर सैकड़ों लोगों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। साइबर पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अगस्त के बीच बदमाशों ने रोजाना औसतन 17 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की है।
ऐसे होता है फ्रॉड
साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप और टेलीग्राम का इस्तेमाल कर नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाते हैं। वे खुद को बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधि बताते हुए निवेशकों को संपर्क करते हैं। इन प्लेटफॉर्म पर अन्य निवेशक भी अपने मुनाफे के बारे में जानकारी साझा करते हैं, जिससे पीड़ितों का विश्वास जीतना आसान हो जाता है। एक बार जब पीड़ित पैसे जमा करते हैं, तो उन्हें अमेरिकी डॉलर में बदलकर क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर दिया जाता है और अंततः अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
लोगों की लालच का फायदा उठाते हैं अपराधी
साइबर पुलिस के अनुसार, अपराधी लोगों की लालच का फायदा उठाते हैं। वे किसी भी जटिल तकनीक का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि लोगों को सीधे संपर्क कर उन्हें ठगते हैं। अधिकारी बताते हैं कि वे पीड़ितों के मोबाइल को हैक नहीं करते हैं, बल्कि उनसे सीधे पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं।
भोपाल टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच को इस मामले में 180 से अधिक शिकायतें मिली हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के लालच में न आएं और निवेश करने से पहले कंपनी की पूरी जानकारी ले लें।