मध्यप्रदेश के 16 डिप्टी कलेक्टर जल्द बनेंगे आईएएस, प्रक्रिया तेज

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 168

4 अप्रैल 2025। मध्यप्रदेश में डिप्टी कलेक्टर स्तर के 16 अधिकारियों की किस्मत जल्द ही बदलने वाली है। राज्य सरकार ने इन अधिकारियों को आईएएस कैडर में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस पुरस्कार प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए दोगुने अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है, जिसमें से 16 अधिकारियों का चयन किया जाएगा। यह सूची इस महीने के अंत तक दिल्ली भेजी जाएगी।

☑️ 2023 और 2024 की प्रक्रिया एक साथ पूरी होगी
इस बार 2023 और 2024 दोनों वर्षों के लिए आईएएस पुरस्कार प्रक्रिया को एक साथ पूरा किया जाएगा। 2023 की प्रक्रिया विवादों के कारण अटक गई थी, क्योंकि प्रस्ताव में एसएएस और गैर-एसएएस पदों को शामिल किया गया था, जिस पर राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने आपत्ति जताई थी। इस मुद्दे को लेकर एसएएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। अब सरकार ने दोनों वर्षों की प्रक्रिया को एक साथ पूरा करने का फैसला लिया है, जिससे 16 अधिकारियों को आईएएस बनने का अवसर मिलेगा।

☑️ आईएएस बनने की दौड़ में ये अधिकारी शामिल
प्रदेश में कई अधिकारी राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस बनने की राह पर हैं। संभावित नामों में शामिल हैं:
एनपी नामदेव, डॉ. कैलाश बुंदेला, कमलचंद नागर, मनोज मालवीय, नंदा भलावे कुशरे, जयंत कुमार विजयवत, सविता झारिया, अनिल डामोर, कमल सोलंकी, सारिका भूरिया, जितेंद्र सिंह चौहान, सैली कनास, राकेश कुशरे, कविता बाटला, रोहन सक्सेना, आशीष पाठक, सपना अनुराग जैन, इला तिवारी, मिनिषा पांडे, नीता राठौर, सपना लोवंशी, रंजना देवड़ा, रानी बासी, संतोष कुमार टैगोर, माधवी नागेंद्र, प्रियंका गोयल, वर्षा सोलंकी और अभिषेक दुबे।
इनमें से 16 अधिकारियों का आईएएस बनने का सपना साकार हो सकता है।

☑️ कैसे पूरी होती है आईएएस पुरस्कार प्रक्रिया?
राज्य सरकार डिप्टी कलेक्टरों की सूची तैयार कर यूपीएससी को भेजती है।
यूपीएससी अध्यक्ष द्वारा नामित सदस्य, मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव के साथ बैठक कर अंतिम सूची तैयार करता है।
समिति द्वारा चुने गए नामों की सिफारिश डीओपीटी (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) को भेजी जाती है।
डीओपीटी द्वारा औपचारिक मंजूरी के बाद आईएएस बनने वाले अधिकारियों की सूची जारी की जाती है।

इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद मध्यप्रदेश के 16 डिप्टी कलेक्टरों को आईएएस का दर्जा मिलेगा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

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