
मध्यप्रदेश में नोटबंदी के बाद एक ही रात में 100 करोड़ रुपए के सोने की बिक्री होने का खुलासा हुआ है. आयकर विभाग की जांच में यह बात सामने आई है.
नोटबंदी के बाद सूबे के बड़े शहरों में 8-9 नवंबर की रात सराफा बाजार गुलजार रहे थे. सभी बड़े ज्वेलर्स के यहां सोने की बिक्री अचानक बढ़ गई थी. अब आयकर विभाग ने सोने की इस खरीद-फरोख्त पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.
सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की प्रदेश के 16 ज्वेलर्स के यहां हुई जांच में खुलासा हुआ है कि नोटबंदी की रात 100 करोड़ रुपए के सोने और ज्वेलरी की बिक्री हुई थी.
कालेधन वाले होंगे बेनकाब
देश में 500 और 1000 के नोट बैन होने के बाद देशभर के सराफा बाजार में खलबली मच गई थी. नोटबंदी के कुछ ही देर बाद लोगों ने डेढ़ से दो गुना कीमत पर सोना खरीदा था.
जानकारों की मानें तो कालेधन को खपाने के लिए सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में टारगेट किया गया था. ऐसे में प्रदेश के सभी 16 बड़े ज्वेलर्स के यहां नोटबंदी के बाद हुई बिक्री के रिकॉर्ड को आयकर विभाग के अफसर खंगाल रहे है.
जांच में शामिल अफसर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सोने और ज्वेलरी में निवेश कर कालेधन को सफेद करने वाले कौन लोग थे. वहीं, एक अंदेशा यह भी है कि कहीं ज्वेलर्स ही अपने कालेधन को सफेद करने के लिए बिक्री के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हो.
सीसीटीवी कैमरे जब्त
आयकर विभाग ने सभी ज्वेलर्स से सीसीटीवी कैमरे के फुटेज मांगे थे. सभी ज्वेलर्स ने कैमरे खराब होने की बात कहकर फुटेज नहीं दिए. आयकर विभाग ने सभी ज्वेलर्स से सीसीटीवी सिस्टम जब्त कर उसकी जांच शुरू कर दी है.
ईडी ने भी कसा शिकंजा
आयकर विभाग और ईडी के अधिकारी उन लोगों की फेहरिस्त तैयार करने में जुटे हैं, जिन लोगों ने 8 से 10 नवंबर के बीच सोना, हीरा और विदेशी मुद्रा की खरीद-फरोख्त की है.
विभाग पहले इनका वेरीफिकेशन करने जा रहा है, जिसके बाद संबंधित लोगों को खरीद-फरोख्त की रकम का हिसाब देना होगा और बताना होगा कि उनके पास यह पैसा कहां से आया.